केरल (Kerala) के वायनाड (Wayanad) में 30 जुलाई 2024 को पहाड़ से बहकर आए सैलाब ने करीब 22 हजार की आबादी वाले 4 गांव को तबाह कर दिया. सैकड़ों लोग मलबे में दब गए. लगभग 156 लोगों की मौत होने की खबर है और लगभग 100 लोग लापता हैं. लगातार बारिश होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं (Wayanad Hadsa).
केदारनाथ त्रासदी की तरह आई इस तबाही ने रातों-रात चारों तरफ बर्बादी ला दी. वायनाड में जो चार गांव जमींदोज हुए हैं, उनमें मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा का नाम शामिल है. मुंडक्कई और चूरलमाला के बीच पुल टूटने की वजह से लैंडस्लाइड से प्रभावित इलाकों से संपर्क टूट गया है.
मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. जिसके बाद केरल के 11 जिलों में स्कूल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रियंका गांधी ने वायनाड त्रासदी को प्राकृतिक आपदा घोषित किए जाने के फैसले पर खुशी जताई है. उन्होंने एक्स पर लिखा, मुझे खुशी है कि गृह मंत्री अमित शाह ने वायनाड त्रासदी को गंभीर प्राकृतिक आपदा घोषित करने का निर्णय लिया गया है. इससे पुनर्वास की आवश्यकता वाले लोगों को काफी मदद मिलेगी और निश्चित रूप से ये सही दिशा में उठाया गया एक कदम है.
वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन के पीड़ितों के लिए न्याय और विशेष राहत पैकेज की मांग को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया. केरल के सांसदों के साथ मिलकर उन्होंने तख्तियां लेकर अपनी मांगें रखीं. सांसदों का कहना है कि वायनाड में लगभग 2000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए.
कांग्रेस नेता ने X पर एक पोस्ट में कहा कि वायनाड में भूस्खलन से हुई तबाही के बावजूद, भाजपा सरकार इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से इनकार कर रही है, जिससे जरूरतमंद लोगों को आवश्यक राहत देने से इनकार किया जा रहा है, यह केवल लापरवाही नहीं है, यह उन लोगों के साथ अन्याय है, जिन्होंने अकल्पनीय नुकसान झेला है. वायनाड के लोग इससे बेहतर के हकदार हैं.
इस साल जो बारिश हुई है, उसे समझने में वैज्ञानिकों ने दिमाग के सारे घोड़े दौड़ा दिए. 'मौसम की तरह बदलने...' वाली कहावत इस साल साफ-साफ दिखाई दी है. देश के 729 जिलों में बारिश का अलग-अलग पैटर्न देखने को मिला है. कहीं कम, कहीं ज्यादा, कहीं बहुत ज्यादा तो कहीं इतनी ज्यादा की तबाही मचा दी.
भूस्खलन बड़ी आपदा बन रही है. उसमें आपके जानमाल का नुकसान न हो, इसके लिए IIT Delhi ने नया वेब ऐप बनाया है. इससे आप समझ जाएंगे कि आपको भविष्य में घर कहां बनाना चाहिए और कहां नहीं. हाल ही में वायनाड, मंडी, शिमला, रुद्रप्रयाग और केदारनाथ में भूस्खलन से भारी तबाही मची थी.
वियतनाम में पहले सुपर तूफान यागी आया. फिर वायनाड जैसा हादसा हुआ. वहां भी लांग नू इलाके में पहाड़ों से मौत लुढ़कती हुई आई. 95 लोग भूस्खलन में मारे गए. दब गए. लापता हो गए. खोजबीन जारी है. वहां भी रेस्क्यू वर्क चल रहा है. लेकिन वियतनाम में यागी की वजह से 197 लोग मारे जा चुके हैं. 800 जख्मी हैं.
दुखद घटनाओं पर संवेदना व्यक्त करते हुए केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने जेन्सन और श्रुति के परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए कहा, "यह खबर बहुत दुखद है. आपदाओं की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता."
केरल के वायनाड में 30 जुलाई को भूस्खलन से हुई तबाही की तस्वीरें आई हैं. सीसीटीवी में कैद तस्वीरें अब सामने आने के बाद एक बार फिर से वो दर्दनाक घटना रूह कंपा रही है. वायनाड में रात के वक्त उस दिन जो तबाही हुई थी उसका अंदाजा इन तस्वीरों को देखकर लगाया जा सकता है. देखें ये वीडियो.
केरल के वायनाड से एक बार फिर लैंडस्लाइड के खौफनाक मंजर का वीडियो सामने आया है. वायनाड में चूरलमाला स्थित एक बेकरी के सीसीटीवी फुटेज में भूस्खलन का मंजर दिखाई दे रहा है. भूस्खलन की यह तस्वीरें रात के वक्त की हैं.
वैज्ञानिकों की इंटरनेशनल टीम ने दावा किया है कि केरल में जो भूस्खलन की घटना हुई, उसके पीछे इंसानों की गलती है. जिस हिसाब से भारत में तापमान बढ़ रहा है, इसका असर बारिश की तीव्रता पर पड़ा रहा है. भारत को वायनाड, हिमाचल और सिक्किम जैसी घटनाएं अभी और देखने को मिलेंगी.
जिस हिसाब से भारत में कार्बन उत्सर्जन हो रहा है, एक समय के बाद यहां बारिश की तीव्रता में 58 फीसदी की बढ़ोतरी हो जाएगी. यानी इतनी भारी बारिश होगी कि शहरों, गांवों, कस्बों कहीं भी बाढ़ का प्रबंधन नहीं हो पाएगा. यह खुलासा भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान ने किया है.
मोदी कन्नूर हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा पहाड़ी जिले में पहुंचे. उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. बाद में, प्रधानमंत्री ने दोपहर करीब 2.30 बजे मेप्पाडी में शिविर का दौरा किया और वहां लगभग आधे घंटे तक कुछ बचे हुए लोगों से बातचीत की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल के वायनाड जिले के भूस्खलन से तबाह हुए इलाकों का दौरा किया. चूरलमाला पहुंचे पीएम मोदी ने एक राहत शिविर का भी दौरा किया, जिसमें बड़े पैमाने पर भूस्खलन में विस्थापित हुए कई लोग रहते हैं.
पीएम मोदी आज लैंडस्लाइड प्रभावित वायनाड के दौरे पर हैं. उन्होंने आज वायनाड का एरियल सर्वे किया और नुकसान का जायजा लिया. अब पीएम यहां एक के बाद एक बैठक करके नुकसान की समीक्षा कर रहे है. पीएम ने थोड़ी देर पहले हवाई सर्वे के दौरान वो जगह देखी जहां से लैंड स्लाइड हुआ था. देखें...
वायनाड आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की विपक्ष की मांग के बीच UPA सरकार द्वारा संसद में दिए गए जवाब की एक कॉपी सामने आई है. तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने सदन को बताया था कि प्राकृतिक आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है.
पीएम मोदी ने लैंडस्लाइड प्रभावित वायनाड का दौरे किया. इस दौरान उन्होंने एरियल सर्वे किया और नुकसान का जायजा लिया. अब पीएम यहां एक के बाद एक बैठकें करके नुकसान की समीक्षा करेंगे. पीएम उस पुल पर भी जाएंगे जिसे सेना ने बनाया था. साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे लोगों से मुलाकात करेंगे. देखें ये वीडियो.
पीएम मोदी ने वायनाड में भूस्खलन से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. पीएम मोदी का आज दोपहर भूस्खलन से प्रभावित गांवों का जमीनी दौरा करने का भी कार्यक्रम है. यहां वह वर्तमान में चल रहे इवैकुएशन ऑपरेशन के संबंध में रेस्क्यू टीमों से जानकारी प्राप्त करेंगे.
पीएम मोदी आज लैंडस्लाइड प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे. कार्यक्रम के मुताबिक पीएम मोदी सबसे पहले प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे करेंगे. पीएम मोदी उस पुल पर भी जाएंगे जिसे सेना ने बनाया था. पीएम मोदी रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे लोगों से मुलाकात करेंगे. पीएम रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के परिवार से भी मिलेंगे. देखें...
प्रधानमंत्री की यात्रा के कारण जिले में सख्त प्रतिबंधों के कारण शनिवार को मुंडाकाई और चूरलमाला जैसे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कोई तलाशी अभियान नहीं चलाया जाएगा. जिला कलेक्टर डी.आर. मेघाश्री ने इसकी जानकारी दी है. खोज में शामिल वालेंटियर्स और अन्य लोगों को आपदा क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे और आपदा प्रभावितों से मिलेंगे. वह हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद वे कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे.
भारत के 80 फीसदी जिले एक्सट्रीम वेदर इवेंट्स के शिकार हो रहे हैं. यानी ऐसी मौसमी घटनाएं जो अचानक हो जा रही है. वो भी बेहद तीव्र और घातक स्थिति के साथ. चरम गर्मी और चर्म बारिश की घटनाएं बढ़ गई हैं. वायनाड, मंडी, शिमला, केदारनाथ, रुद्रप्रयाग जैसे हादसे अभी आपके सामने हुए हैं. यहीं हैं चरम मौसमी आपदाएं.