व्हेल
व्हेल (Whales) पूरी तरह से जलीय समुद्री स्तनधारियों का एक बड़ा समूह है. व्हेल, डॉल्फिन और पोरपोइज, सेटारटियोडैक्टाइल के क्रम से संबंधित हैं. उनके निकटतम गैर-सीटेशियन जीवित रिश्तेदार दरियाई घोड़े हैं, जिनसे वे लगभग 54 मिलियन वर्ष पहले अलग हो गए थे. व्हेल में आठ मौजूदा परिवार शामिल हैं: बालेनोप्टरिडे (रॉर्कल्स), बालेनिडे (दाहिनी व्हेल), सेटोथेरिडे (पिग्मी राइट व्हेल), एस्क्रिच्टिडे (ग्रे व्हेल), मोनोडोन्टिडे (बेलुगास और नरवाल्स), फिसेटरिडे (शुक्राणु व्हेल), कोगिडे (बौना और बौना शुक्राणु व्हेल), और Ziphiidae (चोंच वाली व्हेल) (Whale Families).
व्हेल पूरी तरह से जलीय, खुले समुद्र के जीव हैं. वे भोजन कर सकते हैं, संभोग कर सकते हैं, जन्म दे सकते हैं, चूस सकते हैं और समुद्र में अपने बच्चों को पाल सकते हैं. व्हेल का आकार 2.6 मीटर और 135 किलोग्राम से लेकर 29.9 मीटर और 190 मीट्रिक टन तक होता है. ब्लू व्हेल पृथ्वी पर मौजूद सबसे बड़ा प्राणी है. शुक्राणु व्हेल पृथ्वी पर सबसे बड़ा दांतों वाला शिकारी है. कई व्हेल प्रजातियों में मादाएं नर से बड़ी होती हैं (Whales Anatomy).
बलेन व्हेल के दांत नहीं होते हैं. उनके पास बेलन, फ्रिंज जैसी संरचनाओं की प्लेटें होती हैं. उनके सिर विशाल होते हैं, जिसका वजन पूरे शरीर का 40% तक होता है. बलेन व्हेल में गंध की पहचान करने की अच्छी क्षमता होती है (Baleen Whales Characteristics).
दांतेदार व्हेल के पास शंक्वाकार दांत होते हैं जो मछली या स्क्विड को पकड़ने के लिए बने होते हैं. उनके पास सुनने की जबरदस्त क्षमता होती है (Toothed Whales Characteristics).
व्हेल भूमि पर रहने वाले स्तनधारियों से विकसित हुई हैं, और उन्हें हवा में सांस लेने के लिए नियमित रूप से सतह पर आना पड़ता है, हालांकि वे लंबे समय तक पानी के नीचे रह सकते हैं. कुछ प्रजातियां, जैसे शुक्राणु व्हेल 90 मिनट तक पानी के भीतर रह सकती हैं (Whales Respiration). वे गर्म रक्त वाले होते हैं, और उनकी त्वचा के नीचे वसा, या ब्लबर की एक परत होती है. व्हेल 20 समुद्री मील तक की गति से यात्रा कर सकती हैं (Whales Locomotion). व्हेल कई प्रकार की आवाजें निकालती हैं. व्हेल की अधिकांश प्रजातियां उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध के ठंडे पानी को पसंद करती हैं, और जन्म देने के लिए भूमध्य रेखा की ओर पलायन करती हैं. हंपबैक और ब्लू व्हेल जैसी प्रजातियां बिना खाए हजारों मील की यात्रा करने में सक्षम हैं. नर आम तौर पर हर साल कई मादाओं के साथ संभोग करते हैं, लेकिन मादाएं हर दो से तीन साल में ही संभोग करती हैं. व्हेल के बच्चे आमतौर पर वसंत और गर्मियों में पैदा होते हैं, जिन्हें पालने की सारी जिम्मेदारी मादा उठाती हैं (Whales Reproduction).
व्हेल अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा संरक्षित हैं. उत्तरी अटलांटिक की दाहिनी व्हेल बीसवीं शताब्दी में लगभग 450 की आबादी के साथ लगभग विलुप्त हो गई हैं. व्हेलर्स से खतरे के अलावा, उन्हें बायकैच और समुद्री प्रदूषण के खतरों का भी सामना करना पड़ता है (Whales Threats and Conservation).
एक नर हंपबैक व्हेल ने तीन समंदर पार किया. 13 हजार किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा की. समुद्री यात्रा का रिकॉर्ड तोड़ा. ताकि अपने लिए सही मादा की तलाश कर सके. उसके साथ प्रजनन कर सके. ये यात्रा प्रशांत महासागर से हिंद महासागर की थी.
अमेरिका से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बोट पर समंदर में फिशिंग कर रहे दो लोगों की नाव पर एक व्हेल छलांग लगाती नजर आ रही है. इस वीडियो में दिखाय गया है कि व्हेल के छलांग लगाने के बाद पूरी नाव पलट जाती है.
दुनिया की सबसे दुर्लभ व्हेल मछली न्यूजीलैंड के तट पर मरी मिली. आजतक इसे सिर्फ 6 बार देखा गया है. लेकिन एक बार भी यह जिंदा नहीं देखी गई. अभी जो मछली मिली है, उसका शव काफी अच्छी स्थिति में है. वैज्ञानिक उसे लेकर स्टडी कर रहे हैं. उसका डीएनए जांच किया जा रहा है. ताकि ज्यादा जानकारी जमा की जा सके.
उत्तरी जापान के होकाइदो के पास 13 किलर व्हेल्स बर्फ के बीच में फंस गई हैं. न तो वो ऊपर से जा सकती हैं. न ही नीचे से. क्योंकि नीचे भी बर्फ काफी ज्यादा है. उन्हें रेस्क्यू करना मुश्किल है, क्योंकि बर्फ को तोड़कर वहां तक जाना पड़ेगा. स्थानीय लोग 2005 की घटना के रिपीट होने की आशंका लगा रहे हैं, तब ज्यादातर व्हेल्स मर गई थीं.
उत्तरी जापान के होकाइदो के पास 13 किलर व्हेल्स बर्फ के बीच में फंस गई हैं. न तो वो ऊपर से जा सकती हैं. न ही नीचे से. क्योंकि नीचे भी बर्फ काफी ज्यादा है. उन्हें रेस्क्यू करना मुश्किल है.
53 सालों से उसे खुला समुद्र नहीं मिला. वो खतरनाक शिकारी और खूबसूरत मछली छोटे से एक्वेरियम में कैद थी. अब उसे आजादी मिलने वाली है. अब उसकी सीटियां समुद्र में सुनाई देंगी. जानिए किलर व्हेल लोलिता की कहानी...
कोरोना के बाद ऐसा क्या हुआ कि समुद्र तटों पर मरी मिल रही हैं व्हेल. देखें वीडियो.
पिछले साल दिसंबर से फरवरी तक अमेरिका के पूर्वी तट पर 23 व्हेल मछलियां मरी मिली. इनमें से 12 तो न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी के तटों पर पाई गईं. ये डरावनी रिपोर्ट है. क्योंकि इसके पीछे की वजह आपको हैरान कर देगी. व्हेल मछलियों की मौत के पीछे की वजह है ऑनलाइन शॉपिंग और जलवायु परिवर्तन.
श्रीलंकाई नौसेना के साथ-साथ कंडाकुझी मछुआरा समुदाय के लोगों ने व्हेल मछलियों को गहरे पानी में पहुंचाने के लिए घंटों की मशक्कत की. इसके लिए उन्हें व्हेल को गहरे समुद्र में वापस ले जाने के लिए यंत्रीकृत नावों का उपयोग करना पड़ा. वहीं श्रीलंका के मत्स्य विभाग भी मृत व्हेलों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए उनका पोस्टमार्टम कराया जा रहा है.
समुद्र किनारे लोग एन्जॉय कर रहे थे. तभी उन्हें ऐसी चीज दिखाई दी कि वे डर के मारे भागने लगे. बीच पर विशालकाय समुद्री जीव आ गया था. हालांकि, बाद में पता चला कि ये जीव इंसानों को नुकसान नहीं पहुंचाता. लेकिन तब तक लोगों में पैनिक क्रिएट हो गया था.
इंसानों का हाथ-पैर टूटता है तो महीना-डेढ़ महीना आराम करते हैं. एक व्हेल ने टूटी हुई रीढ़ की हड्डी से 4828 KM तैर गई. वह भयानक दर्द में है लेकिन कनाडा से हवाई द्वीप तक चली आई. उसका बैकबोन एक जहाज से टकराने से टूटी थी. वैज्ञानिक उसकी इस हरकत से हैरान और दर्द से परेशान हैं.
दुनिया के सबसे बड़े जानवर हैं ब्लू व्हेल. वैज्ञानिकों ने इनके स्वास्थ को लेकर चिंता जताई है. उनका कहना है कि व्हेल रोजाना कई किलो माइक्रोप्लास्टिक निगल रही हैं. क्योंकि समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण विकराल हो चुका है. ये प्लास्टिक इतनी बड़ी संख्या में व्हेल के शरीर में जा रहा है, इससे व्हेलों के स्वास्थ्य पर असर पड़ा सकता है.
एक टिकटॉक (TikTok) यूज़र को समुद्र के तट पर एक अजीब अंग पड़ा हुआ दिखा. उसने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो वायरल हो गया. इस विशालकाय अंग को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह किसी व्हेल का प्राइवेट पार्ट हो सकता है. हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं की गई है.
न्यूजीलैंड में करीब 500 व्हेल मछलियां मरी मिली हैं. ये मछलियां दो सुदूर इलाके में स्थित द्वीपों के तट पर पाई गईं. एक्सपर्ट का कहना है कि इन मछलियों की मौत या तो किसी प्राकृतिक वजह से हुई है. या फिर इन्हें मारा गया है. असली वजह तो फिलहाल पता नहीं चल पाई लेकिन इन मौतों से वैज्ञानिक परेशान हैं.
मैसाचुसेट्स के तट के पास समुद्र में हाल ही में एक मछली पकड़ने वाली नाव पर व्हेल ने हमला कर दिया. वह पहले पानी से बाहर उछली. फिर अपने मुंह से नाव पर जोर का धक्का मारा. नाव आगे की ओर झुकी पानी में गई लेकिन फिर सीधी हो गई. ये वीडियो काफी तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो रहा है.
चेन्नई के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 11 जुलाई 2022 यानी सोमवार को दुनिया के सबसे बड़े मालवाहक विमानों में से एक बेलुगा एयरबस विमान उतरा. यह चेन्नई में ईंधन डलाने के लिए उतरा था. आइए जानते हैं इस विमान की खासियतों के बारे में...