बर्फीले तूफान (Winter Storm) तब बनते हैं जब नम हवा वायुमंडल में ऊपर उठती है, जिससे जमीन के पास कम दबाव बनता है और हवा में बादल छा जाते हैं. पहाड़ों पर ऐसी हवाओं को ऊपर की ओर जाने में मदद मिलती जिसके कारण तेज हवा के साथ बड़ी मात्रा में बर्फ गिरती है. बर्फीले तूफान में 2 इंच बर्फ से ही यातायात और परिवहन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि चिकनी सड़कों पर गाड़ियों को चलाने में कठिनाई आती है और फिसलने का डर होता है. अगर बर्फीले तूफान के कारण 6 इंच से अधिक की बर्फबारी विघटनकारी होती है.
फरवरी के आखिरी से पहाड़ों पर बर्फबारी जो दौर शुरु हुआ, वो मार्च के महीने में भी जारी है. कश्मीर से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में जमकर बर्फबारी हो रही है. जबकि देश के मैदानी हिस्सों में कहीं बारिश तो कहीं ठंड की दस्तक है. घाटी में कई जगह तापमान माइनस 5 डिग्री से नीचे है.
कश्मीर के सोनमर्ग में मार्च के महीने में भयंकर बर्फबारी हो रही है. इस दौरान एक भयानक बर्फीला तूफान देखा गया, जिसकी कई तस्वीरें कैमरे में कैद हुईं. बर्फ की लहरें समुद्री लहरों जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रही हैं और एवलांच का खतरनाक वीडियो भी सामने आया है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में जमकर बर्फबारी हो रही है जिससे तापमान कई जगहों पर -5 डिग्री से नीचे चला गया है. Video.
जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में आए बर्फीले तूफान का एक डरावना वीडियो सामने आया है. वीडियो में दिख रहा है कि कैसे बर्फीला तूफान सबकुछ अपने आगोश में लेने के लिए आगे बढ़ रहा है. राहत की बात ये है कि इस आपदा में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. देखें बर्फीले तूफान का वीडियो.
कश्मीर में आए भयानक बर्फीले तूफान का हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है. इस खतरनाक हिमस्खलन में आसपास के लोग सुरक्षित रहे और इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे बर्फ की धारा अचानक पहाड़ों से बहकर सड़कों तक पहुंच गई. लोगों ने चीखते-चिल्लाते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश की.
तापमान गिरने के पीछे पश्चिम दिशा से आने वाली तेज़ सर्द हवाएं हैं. हवा की रफ्तार करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक है, जो कि हिमालय से ठंड लेकर आ रही है. पिछले दिनों यानी फरवरी के आखिरी दिनों में जो पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हुई, वहीं से ये सर्द हवाएं दिल्लीवालों को कंपा रही हैं.
उत्तराखंड के माणा में भारी बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन रुका था, जिसे फिर से शुरू किया गया है. अभी तक चार मजदूर लापता हैं. रेस्क्यू में सेना के चार हेलिकॉप्टर के अलावा आईटीबीपी, बीआरओ, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के 200 से ज्यादा जवान लगे हुए हैं. खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू में परेशानियां हो रही हैं. देखें शतक आजतक.
उत्तराखंड के चमोली में रेस्क्यू ऑपरेशन का तीसरा दिन जारी है. शुक्रवार को हुए हादसे में 54 मजदूर फंसे थे, जिनमें से 50 को बचा लिया गया. 4 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 अभी भी लापता हैं. भारी बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा आ रही है. सेना के 4 हेलीकॉप्टर और 200 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में लगे हैं. देखें...
उत्तराखंड के चमोली में हुए हिमस्खलन के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का तीसरा दिन है. 54 में से 50 मजदूरों को बचाया गया. अभी भी 4 मजदूर लापता है. भारी बर्फबारी और खराब मौसम से ऑपरेशन में बाधा आ रही है. सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के 200 से अधिक जवान तलाश में जुटे हुए हैं. देखें Video.
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. उत्तराखंड के चमोली में हिमस्खलन से 55 मजदूर बर्फ में दब गए, जिनके बचाव के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. हिमाचल में 200 से अधिक सड़कें बंद हैं और कईं इलाके बाकी राज्यों से कट गए हैं. जम्मू-कश्मीर में भी भारी बर्फबारी से आम जीवन प्रभावित हुआ है.
उत्तराखंड के चमोली में बर्फीले तूफान से बड़ा हादसा हुआ है. माणा गांव में बर्फ के पहाड़ के खिसकने से 55 मजदूर दब गए थे. रेस्क्यू ऑपरेशन में अब तक 50 मजदूरों को बचाया गया है, जिनमें से 4 की मौत हो गई है. 5 मजदूर अभी भी लापता हैं. CM पुष्कर धामी ने मौके का जायजा लिया है.
इस साल मौसम का मिजाज काफी बदला-बदला सा रहा. फरवरी महीने में ही तापमान इतना बढ़ गया कि ओस की बूंदें तो छोड़िए, धूप में निकलने से लोग भी कतराने लगे. देश के ज्यादातर हिस्सों ने इस साल फरवरी ऐसी ही देखी. हालांकि, इस बीच पहाड़ों पर भारी बर्फबारी ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी. देखें ये बुलेटिन.
चमोली में एवलांच ने भीषण तबाही मचाई है. तो वहीं रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर पीएम मोदी ने सीएम धामी से फोन पर बात की है. पीएम ने हर संभव मदद का भरोसा दिया है. एवलांच हादसे में अब तक 47 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. देखें वीडियो.
उत्तराखंड के माड़ा गांव में भारी बर्फबारी के कारण फंसे मजदूरों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हवाई सर्वेक्षण किया और मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू टीम से जानकारी ली. मौसम की स्थिति खराब होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है. सीएम धामी ने बचाए गए मजदूरों से मुलाकात की. देखें Video.
उत्तराखंड के चमोली में बर्फीले तूफान में फंसे 55 मजदूरों में से 47 को सफल बचा लिया गया है. 8 मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं जिन्हें बचाने के लिए सेना, NDRF, SDRF और ITBP की टीमें जुटी हुई हैं. सेना का MI-17 हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जल्द ही घटनास्थल पर पहुंचेंगे. देखें...
उत्तराखंड के चमोली में बर्फ़ का पहाड़ धसने से 57 मजदूर फंस गए. इनमें से 32 का रेस्क्यू किया गया है, जबकि 25 को निकालने का प्रयास जारी है. 65 लोगों की टीम बचाव कार्य में लगी हुई है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात की है और हर संभव मदद का भरोसा दिया गया है. देखें नॉनस्टॉप-100.
उत्तराखंड के चमोली में हुए एवलांच में फंसे 55 मजदूरों में से 47 को सुरक्षित बचा लिया गया है. 8 मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं. सेना, आईटीबीपी, बीआरओ, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं. सेना का एमआई-17 हेलिकॉप्टर भी रेस्क्यू ऑपरेशन में शामिल हो गया है.
उत्तराखंड के चमोली में एवलांच को आए 24 घंटे से ज्यादा हो गए हैं. अभी भी 22 मजदूर फंसे हुए हैं. 33 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे. लेकिम 22 अभी भी फंसे हुए हैं. सेना, ITBP, BRO, SDRF और NDRF की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुईं हैं. देखें Video.
उत्तराखंड के चमोली जिले में आए भीषण बर्फीले तूफान के बाद 22 मजदूर अब भी फंसे हुए हैं. बीआरओ प्रोजेक्ट के तहत काम कर रहे मजदूरों में से 33 को सुरक्षित निकाला जा चुका है. सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें अभी भी बाकी मजदूरों की तलाश और रेस्क्यू में जुटी हुई हैं.
उत्तराखंड के चमोली में आए एवलांच में 22 मजदूर अभी भी फंसे हुए हैं. बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे 57 लोगों में से 33 को बचा लिया गया है. सेना, ITBP, NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं. खराब मौसम बड़ी चुनौती बन रहा है. मुख्यमंत्री धामी ग्राउंड जीरो पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे.
कश्मीर में मंगलवार शाम से जारी भारी बारिश और बर्फबारी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. पहाड़ों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ चुकी है, जिससे श्रीनगर-कारगिल राजमार्ग और गुरेज व टंगड़ा मार्ग बंद हो गए हैं. प्रशासन ने लोगों को बर्फीले तूफानों से सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है.
जम्मू और कश्मीर में हाल ही में हुई भारी बर्फबारी से चारों ओर सफेद चादर बिछ गई है. गुलमर्ग से एक खास रिपोर्ट आई है जिसमें बर्फ हटाने के लिए नियंत्रित विस्फोट किया गया और इससे हिमस्खलन जैसा दृश्य उत्पन्न हुआ. वहां की प्राकृतिक सुंदरता देखते ही बनती है, और लोग इस दृश्य को आनंदित होकर देख रहे हैं.