भारतीय भेड़िया (Wolf) ग्रे भेड़िये की एक उप-प्रजाति है जो दक्षिण-पश्चिम एशिया से लेकर भारतीय उपमहाद्वीप तक पाई जाती है. यह हिमालयी भेड़िये और अरब भेड़िये के बीच के आकार के होते हैं. ये भेड़िये गर्म परिस्थितियों में रहते है इसलिए इनके शरीर पर बालों के कोट कम होते हैं.
साल 2024 के अगस्त-सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) में आदमखोर भेड़ियों के हमले (Wolf Attack) ने दहशत फैला दी. भेड़ियों ने लगभग 10 लोगों का अपना शिकार बना चुके हैं. हालांकि, चार भेड़ियों को पकड़ लिया गया, लेकिन अभी भी दो आदमखोर खुलेआम घूम रहे हैं. उनको पकड़ने के लिए दर्जन भर से ज्यादा टीमें लगी हुई हैं.
पाकिस्तान में भारतीय भेड़ियों की आबादी में भारी गिरावट आई है. जंगलों की कटाई की वजह से उनके प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं और शिकार के लिए जानवर भी कम हो रहे हैं. अगर भेड़िए विलुप्त हो गए तो पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बिगड़ जाएगा.
डीएफओ ने बताया कि वायरल वीडियो वन विभाग के संज्ञान में या है और विभाग की टीमें कॉम्बिंग कर रही है. उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि इससे भयभीत होने की जरूरत नहीं है. हालांकि ग्रामीण इससे खौफ में हैं और खेत में काम करने के दौरान भी झुंड में जा रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक बार फिर आदमखोर बाघ का आतंक कायम हो गया है. दक्षिण खीरी वन प्रभाग के महेशपुर रेंज के अंतर्गत गन्ने के खेत के पास रविवार को बाघ के हमले में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया. पीड़ित की पहचान भदैया गांव निवासी तेजपाल (40) के रूप में हुई है.
यूपी के बहराइच से छठे आदमखोर भेड़िए की तस्वीर सामने आई है. भेड़िये की तस्वीर वन विभाग के थर्मल ड्रोन कैमरा में दिखाई दी है. ये भेड़िया यहां पिछले ढ़ाई महीने से आतंक का पर्याय बना हुआ है. भेड़िया उसी कछार इलाके में दिखाई दिया जहां पकड़े गए पांच भेड़ियों को ट्रैक किया गया था. देखें ये वीडियो.
बहराइच का वो भेड़िया जिसकी खोज जारी है. जिसे हत्यारे भेड़ियों के समूह का सरदार कहा जा रहा है. लेकिन कुछ एक्सपर्ट इस पर सवाल उठा रहे हैं. क्योंकि वो भेड़ियों को अच्छे से जानते हैं. वो कहते हैं बहराइच के आसपास जंगली कुत्तों और सियारों का भी समूह रहता है. आम इंसान तो इन सबमें कन्फ्यूज होता ही है.
यूपी के बहराइच में भेड़ियों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा. महसी तहसील के ग्रामीणों ने दावा किया है कि उन्होंने इलाके में चार भेड़ियों के नए झुंड को देखा है. इस झुंड में एकमात्र बचा हुआ अल्फा भेड़िया भी शामिल है. इस भेड़िये को 'लंगड़ा सरदार' भी कहा जा रहा है. देखें वीडियो.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भेड़िये के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा है. उन्होंने कहा कि सरकार सच्चाई छिपाना चाहती है. अगर वन विभाग भेड़िये पकड़ नहीं पा रहा है तो ये जिम्मेदारी एसटीएफ को दे दें. इसके अलावा, अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बाढ़ से प्रभावित हुए लोगों की पीड़ा को लेकर भी बात की.
वन विभाग को भेड़िया सरदार अल्फा के पग मार्क मिले हैं. इसके बाद से सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है. कई दिनों से अलग-अलग जानवरों पर हमले की सूचना आ रही थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम थर्मल ड्रोन से भेड़िया को तलाश करने की कोशिश में हैं. अब बिशनुपुर गांव के आसपास भेड़िया को पग मार्क मिले हैं.
Bahraich News: वन विभाग को भेड़िया सरदार अल्फा के पग मार्क मिले हैं. इसके बाद से सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है. कई दिनों से अलग-अलग जानवरों पर हमले की सूचना आ रही थी, जिसके बाद वन विभाग की टीम थर्मल ड्रोन से भेड़िया को तलाश करने की कोशिश में हैं. अब बिशनुपुर गांव के आसपास भेड़िया को पग मार्क मिले हैं.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में एक बार फिर भेड़िये ने हमला किया है. इस हमले में 13 साल का अरमान अली घायल हो गया. अरमान बीती रात घर की छत पर सो रहा था. तभी भेड़िये ने उसकी गर्दन दबोच ली. चीख-पुकार मचते ही आदमखोर भाग खड़ा हुआ. गांव वालों के बीज भेड़िये का आतंक बना हुआ है.
बहराइच (Bahraich) में आदमखोर भेड़िये (cannibal wolf) का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. महसी क्षेत्र के सिंगिया नसीरपुर गांव में घर के भीतर सो रही 28 वर्षीय महिला पर बीती रात भेड़िये ने हमला कर दिया, जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. यह लगातार चौथा दिन है, जब इस इलाके में भेड़िये ने हमला किया है, जिससे ग्रामीणों में डर और दहशत का माहौल है.
यूपी के बहराइच में भेड़िये ने एक बार फिर हमला किया है. आदमखोर ने इस बार 11 साल की दो बच्चियों को निशाना बनाया है. वन विभाग ने कल ही एक भेड़िये को पकड़ा था. अब तक पांच भेड़िये पकड़े जा चुके हैं, जबकि छठे की तलाश जारी है. देखें वीडियो.
उत्तर प्रदेश के बहराइच में वन विभाग की टीम को आदमखोर भेड़िया पकड़ने में सफलता हाथ लगी है. ये पकड़ा जाने वाला पांचवां भेड़िया है. इससे पहले वन विभाग की टीम ने 4 भेड़िए पकड़े थे, जिसके बाद बाकी बचे 2 भेड़ियों का आतंक जिले पर खौफ बनकर मंडरा रहा था. देखें वीडियो.
बहराइच में अब तक दस लोगों की जान चली गई है, जिनमें नौ बच्चे शामिल हैं. ड्रोन फुटेज में 6 भेड़िए दिखे हैं, जिनमें से चार पकड़ लिए गए हैं और दो की तलाश जारी है. भेड़ियों को फंसाने के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं.
भेड़ियों के पकड़ने के लिए वन विभाग ने जाल लगवाए, पिंजरे लगाए और भी तमाम कोशिशें की, लेकिन दो आदमखोर भेड़िए अब तक पकड़ में नहीं आ सके हैं. उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के भेड़िया प्रभावित गांवों में अब भी दहशत कायम है. पुलिस और वन विभाग की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं.
यूपी में ऑपरेशन भेड़िया का आज 56वां दिन है. दो आदमखोर भेड़िये ना तो वन विभाग की पकड़ में आ रहे हैं और ना ही उनका सुराग मिल रहा है. इस बीच हरदोई के बाद अब बरेली के एक गांव में भेड़िये के हमले की खबर आई है. गांव वालों के मुताबिक बरेली में भेड़िये ने घास काटने गई दो महिलाओं को घायल कर दिया.
यूपी के बहराइच में भेड़ियों से दहशत के बीच वन विभाग की टीम गांव-गांव में घूम कर लोगों को जागरूक कर रही है. भेड़िये से जागरूक करने वाले पर्चे बांट रहे हैं. इन पैम्फलेट्स में लिखा है कि क्या करना है और क्या नहीं करना है. इस वक्त भेड़िया खतरा है, 10 मौतें जा चुकी हैं.
यूपी में बहराइच के कोटिया गांव में भेड़ियों के आतंक से ग्रामीण डर गए हैं. वन विभाग के कर्मचारियों को घेरकर गांव वालों ने कहा कि वे फिजिकली जाकर वहां देखें. लेकिन इसके बाद गांव वालों और वन विभाग के कर्मचारियों में बहस हो गई. देखें वीडियो.
यूपी के बहराइच में वन विभाग की रैपिड रिस्पॉन्स टीम ने भेड़ियों को पकड़ने के लिए कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया है. टीम खतरनाक रास्तों से होते हुए गांव की तरफ जा रही है, जहां सबसे ज्यादा खतरा भेड़ियों का है. टीम फॉरेस्ट रेंजर्स के साथ ऑपरेशन के लिए जा रही है.
वन विभाग का ऑपरेशन भेड़िया जारी अभी भी जारी है.बहराइच में ड्रोन और रैपिड रिस्पॉन्स वैन के जरिए कांबिंग ऑपरेशन लगातार जारी है. भेड़िए के हमलों से प्रभावित इलाकों से वैन से पूरा ऑपरेशन कैसे हो रहा है. देखिए VIDEO
यूपी के कई जिलों में जंगली जानवरों के हमलों के बाद दहशत का माहौल है. वन विभाग ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है. वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंधेरे में बाहर निकलने से बचें और छोटे बच्चों को विशेष रूप से बाहर ना निकलने दें. देखें वन विभाग ने और क्या बताया?