वाई एस जगन मोहन रेड्डी, राजनेता
येदुगूरी संदिटी जगन मोहन रेड्डी (Y. S. Jagan Mohan Reddy) एक भारतीय राजनेता (Indian Politician) और 2019 से आंध्र प्रदेश के 17वें और मुख्यमंत्री (Chief Minister of Andhra Pradesh) के रूप में सेवारत हैं. वह वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSR Congress Party) के संस्थापक और अध्यक्ष भी हैं. वह आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी (Y. S. Rajasekhara Reddy) के बेटे हैं. उन्होंने 2014 और 2019 के बीच आंध्र प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता (Leader of Opposition) के रूप में कार्य किया था.
जगन मोहन रेड्डी का जन्म 21 दिसंबर 1972 (Date of Birth) को आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले (Kadapa district) के जम्मलमदुगु (Jammalamadugu) में वाई.एस. राजशेखर रेड्डी और वाई.एस. विजयम्मा के घर हुआ था (Jagan’s Parents). उन्होंने हैदराबाद पब्लिक स्कूल (The Hyderabad Public School) में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और वाणिज्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की. उनकी एक छोटी बहन, वाई. एस. शर्मिला भी एक राजनीतिज्ञ हैं (younger sister Y. S. Sharmila). उनके माता-पिता ईसाई थे (णपीगूगोल झाले). रेड्डी ने 28 अगस्त 1996 को भारती से शादी की (Married to Bharathi) और उनकी दो बेटियां हैं.
रेड्डी ने 2004 के आंध्र प्रदेश राज्य चुनावों में कडप्पा जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए प्रचार करके अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. वे 2009 के आम चुनाव में कांग्रेस पार्टी की टिकट पर कडप्पा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य चुने गए. उनके पिता राजशेखर रेड्डी की आकस्मिक मृत्यु ( Rajasekhar Reddy's Sudden Death) के बाद, उन्होंने 2011 में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSR Congress Party) बनाने का फैसला किया. उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर पार्टी को कई जीत दिलाई. उनकी पार्टी ने 2019 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में कुल 175 सीटों में से 151 सीटों के साथ बड़ी जीत हासिल की. साथ ही, लोकसभा चुनाव में राज्य के 25 सीटों में से 22 पर अपनी पार्टी को जीत दिलाई, जो आंध्र प्रदेश के इतिहास में शानदार जीत में से एक है.
देश में ऐसे भी नेता हैं जिन्हें लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में बहुत बड़ी उम्मीद दिखाई पड़ी, लेकिन उसके बाद हुए विधानसभा चुनाव में लगा जैसे दुनिया ही उजड़ गई हो.
परिवार की निजता का अनुरोध करते हुए विजयम्मा ने वाईएसआरसीपी नेताओं विजयसाई रेड्डी और वीवाई सुब्बा रेड्डी पर आरोप लगाया कि वे तथ्यों को जानने के बावजूद मामले के बारे में गलत बयान दे रहे हैं. हाल ही में जगन रेड्डी ने सरस्वती पावर एंड इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में शेयर विवाद को लेकर शर्मिला और विजयम्मा के खिलाफ नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) में याचिका दायर की थी.
पूर्व सीएम रेड्डी ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद भी उन्हें (सीएम नायडू) झूठी खबर फैलाने के लिए शर्म महसूस करनी चाहिए. वह सरासर झूठ फैला रहे हैं. मुझे समझ में नहीं आता कि वह सोशल मीडिया पर क्यों पोस्ट कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने वाईएसआरसीपी के प्रति गुस्सा जताया है. उनके शासन (2014 से 2019) के दौरान 14 बार टैंकरों को वापस भेजा गया था. प्रसादम के निर्माण के लिए टीटीडी में एक मजबूत प्रणाली लागू की गई है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कहा कि वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी को मंदिर जाने से नहीं रोका गया है. नायडू ने कहा कि जगन ऐसा दावा कर रहे हैं जैसे कि अधिकारियों ने उन्हें तिरुमाला मंदिर जाने से रोका है.
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलने वाले लड्डू को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. विवाद के बीच अब आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी के आरोपों प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को खारिज कर दिया है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को दावा किया कि पिछली सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले प्रसाद में घी की जगह जानवरों की चर्बी और मछली के तेल का इस्तेमाल किया जा रहा था. जून में जगन मोहन रेड्डी की पार्टी आंध्र प्रदेश में विधानसभा चुनाव हारी और नायूड ने एनडीए की सरकार बनाई.
'चंद्रबाबू नायडू ने लगाए TTD पर निराधार आरोप, कार्रवाई हो...', तिरुपति लड्डू विवाद में जगन रेड्डी की PM मोदी को चिट्ठी.
वाईएस जगन रेड्डी ने मुख्यमंत्री नायडू द्वारा तिरुमला लड्डू के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले घी की शुद्धता पर उठाए गए सवालों की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के ये गैर-जिम्मेदाराना और राजनीतिक रूप से प्रेरित बयान करोड़ों हिंदू भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहे हैं और विश्व प्रसिद्ध टीटीडी की पवित्रता को धूमिल कर रहे हैं.
कोलकाता रेप-मर्डर केस ममता बनर्जी के लिए बहुत ही बड़ी मुसीबत थी, लेकिन अब वो उससे लगभग उबर चुकी हैं - क्या ये बीजेपी और कांग्रेस की परोक्ष मदद के बगैर मुमकिन था?
आंध्र प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि तिरुपति बालाजी के विश्व प्रसिद्ध मंदिर में जो लड्डू का प्रसाद बांटा जाता है. उसे तैयार करने वाले घी में मछली के तेल और जानवरों की चर्बी की मिलावट पाई गई है. इन आरोपों पर केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है और जांच के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया है...लेकिन इस खुलासे के बाद एक तरफ देश भर में सनातनियों के बीच आक्रोश का भाव नजर आ रहा है. ऐसे में सवाल ये कि करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था के साथ इतने बड़े महापाप की कोशिश क्या जान बूझकर की गई? देखें दंगल.
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में मिलने वाले लड्डू को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. विवाद के बीच अब आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की प्रतिक्रिया सामने आई है.....जगन मोहन रेड्डी ने सत्ताधारी तेलुगु देशम पार्टी के आरोपों को खारिज कर दिया है.पूर्व सीएम ने कहा कि भगवान के नाम पर राजनीति की जा रही है
पवन कल्याण कोई पहले व्यक्ति नहीं हैं जो हिंदू मंदिरों की देखरेख के लिए अलग व्यवस्था की डिमांड कर रहे हैं. दरअसल भारत में मस्जिद, दरगाह और चर्च पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है लेकिन मठों-मंदिरों और गुरुद्वारों पर सरकार का नियंत्रण है. और इन सरकारी व्यवस्थाओं में मनमानी, अनियमितता और आस्थाओं की अनदेखी से श्रद्धालुओं में आक्रोश रहा है.
Tirumala Prasadam Controversy: वकील विनीत जिंदल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और आंध्र प्रदेश पुलिस प्रमुख के पास राज्य के पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के अधिकारियों और पशुओं की चर्बी वाले मिलावटी घी की आपूर्ति करने वाले ठेकेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की अर्जी भेजी है.
तिरुपति मंदिर के प्रसाद में फिश ऑयल मिलने की बात सामने आई है. सैंपल की जांच में इसका खुलासा हुआ है. बुधवार को सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी पर आरोप लगाया था कि जगन राज में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में घी की जगह जानवरों की चर्बी मिलाई गई.
सीएम नायडू के इस बयान पर जगन मोहन रेड्डी की पार्टी YSRCP की प्रतिक्रिया भी सामने आ गई है. इसमें कहा गया है कि चंद्रबाबू नायडू ने दिव्य मंदिर तिरुमाला की पवित्रता और करोड़ों हिंदुओं की आस्था को नुकसान पहुंचाकर बहुत बड़ा पाप किया है. चंद्रबाबू नायडू द्वारा तिरुमाला के प्रसाद पर की गई टिप्पणी बेहद घटिया है.
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने तिरुपति मंदिर के प्रसाद के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि जगन मोहन रेड्डी के शासनकाल में तिरुपति मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी मिलाई गई थी. देखिए video
चंद्रबाबू नायडू ने एस्कोबार को 'नार्को-टेररिस्ट' बताते हुए कहा कि वाईएसआरसीपी की सरकार में आंध्र में भी ऐसे ही हालात थे, तब गांजा खुलेआम बिका करता था. उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 से 2024 के बीच आंध्र 'गांजा कैपिटल' के रूप में उभरा. नायडू ने इस दौरान ड्रग्स पर नकेल कसने की कसम भी खाई.
विधानसभा में शराब नीतियों पर एक श्वेत पत्र जारी करते हुए सीएम नायडू ने कहा कि 'पड़ोसी तेलंगाना की तुलना में राज्य में पिछले पांच वर्षों में शराब से होने वाली आय में 42,762 करोड़ रुपये का अंतर देखा गया है'. पिछले पांच वर्षों में राज्य के खजाने को 18,860 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.
आंध्र प्रदेश में जगनमोहन रेड्डी की पार्टी के इंडिया गठबंधन में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं. आज जगनमोहन के धरना प्रदर्शन में इंडिया ब्लॉक के नेता अखिलेश यादव पहुंचे. यहां उन्होंने बुलडोजर का भी मुद्दा उठाया और कहा कि बुलडोजर का कल्चर जो डेमोक्रेसी में आया है, समाजवादी लोग उसे कभी स्वीकर नहीं कर सकते.
जगन मोहन रेड्डी ने एनडीए को याद दिलाया कि उनके पास भी 15 सांसद हैं. बता दें कि राज्य सभा में YSRCP के पास 11 सांसद हैं जबकि लोकसभा में 4 सांसद इस पार्टी के हैं.वहीं, लोकसभा में टीडीपी के सांसदों की संख्या 16 है.
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं... उनके खिलाफ हत्या करने की कोशिश का मामला दर्ज किया गया है.. दरअसल, टीडीपी के एक विधायक की शिकायत पर पूर्व सीएम, दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और दो सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.