यशवंत सिन्हा
यशवंत सिन्हा एक भारतीय प्रशासक और राजनीतिज्ञ हैं. उन्हें 2022 के राष्ट्रपति चुनाव में संयुक्त विपक्ष ने अपने राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में चुना है(Yashwant Sinha, 2022 Presidential Election).
यशवंत सिन्हा का जन्म 6 नवंबर 1937 को पटना, बिहार (Patna, Bihar) में हुआ था (Yashwant Sinha Age). वह एक कायस्थ परिवार से ताल्लुक रखते हैं (Yashwant Sinha Belongs Kayastha Family). उन्होंने 1958 में राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री प्राप्त की (Yashwant Sinha Education). इसके बाद, उन्होंने 1962 तक पटना विश्वविद्यालय में बतौर राजनीति विषय के प्रोफेसर रहे (Yashwant Sinha Patna University).
यशवंत सिन्हा की पत्नी नीलिमा सिन्हा (Nilima Sinha) हैं. वह जो भारत की अग्रणी बच्चों की लेखिकाओं में से एक हैं. एसोसिएशन ऑफ राइटर्स एंड इलस्ट्रेटर फॉर चिल्ड्रन की अध्यक्ष भी हैं (Yashwant Sinha Wife). उनकी एक बेटी, शर्मिला और दो बेटे हैं- जयंत सिन्हा और सुमंत सिन्हा (Yashwant Sinha Children).
सिन्हा 1960 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए और अपने सेवा कार्यकाल के दौरान महत्वपूर्ण पदों पर 24 वर्षों से अधिक समय बिताया. उन्होंने वाणिज्य मंत्रालय में भारत सरकार के उप सचिव के रूप में काम किया. 1971 से 1973 तक, वह भारतीय दूतावास, बॉन, जर्मनी में पहले सचिव थे. बाद में वह 1980 से 1984 तक भूतल परिवहन मंत्रालय में भारत सरकार के संयुक्त सचिव थे, उनकी मुख्य जिम्मेदारियां सड़क परिवहन, बंदरगाह और शिपिंग थीं. उन्होंने 1984 में इस्तीफा दे दिया और राजनीति से जुड़ गए (Yashwant Sinha Joined IAS).
1989 में जब जनता दल का गठन हुआ तो उन्हें पार्टी का महासचिव नियुक्त किया गया (Yashwant Sinha JD). उन्होंने नवंबर 1990 से जून 1991 तक चंद्रशेखर के मंत्रिमंडल में वित्त मंत्री के रूप में काम किया. फिर वह जून 1996 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता बने. वह 1998, 1999 और 2009 में हजारीबाग लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार के रूप में लोकसभा के लिए चुने गए. 13 जून 2009 को, उन्होंने भाजपा के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया (Yashwant Sinha BJP).
13 मार्च 2021 को वह 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के खिलाफ लड़ने के लिए टीएमसी में शामिल हो गए. 15 मार्च 2021 को उन्हें ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया (Yashwant Sinha TMC).
यशवंत सिन्हा एक स्वदेशी सुधारक के शीर्षक के तहत ब्लॉग लिखते हैं. उन्होंने आदित्य सिन्हा के साथ इंडिया अनमेड पुस्तक का सह-लेखन किया है (Yashwant Sinha Book ).
पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा अब अपनी पार्टी बनाएंगे. सिन्हा की पार्टी का नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी के नाम पर होगा. हजारीबाग के अटल भवन में हुई अटल विचार मंच की बैठक में ये फैसला लिया गया.
Draupadi Murmu Oath Ceremony: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ ली. शपथ समारोह सुबह 10:15 बजे संसद के सेंट्रल हॉल में हुआ. सीजेआई एन. वी. रमणा ने उन्हें राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई. इसके बाद उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई.
Draupadi Murmu Oath Ceremony: नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की शपथ लेंगी. द्रौपदी मुर्मू (64) ने विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा मुकाबले 64 प्रतिशत से अधिक वैध वोट हासिल किए हैं. बीजेपी का दावा है कि 125 विधायकों और 17 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था.
President Oath Ceremony: 18 जुलाई को राष्ट्रपति पद के लिए वोटिंग हुई थी. एनडीए की तरफ से द्रौपदी मुर्मू तो विपक्ष की तरफ से यशवंत सिन्हा को चुनाव मैदान में उतारा गया था. 21 जुलाई को काउंटिंग में द्रौपदी मुर्मू ने जीत हासिल कर ली थी. बीजेपी का दावा है कि 125 विधायकों और 17 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर द्रौपदी मुर्मू का समर्थन किया था.
राष्ट्रपति चुनाव में जमकर क्रॉस वोटिंग देखने को मिली है. आंकड़ों के मुताबिक 17 सांसद और 104 विधायकों ने पार्टी लाइन हटकर क्रॉस वोटिंग की है. मतलब उन्होंने अपने नेता की बात ना मानते हुए अंतरात्मा की आवाज सुनी है.
समाजावादी पार्टी में क्रॉस वोटिंग पर शिवपाल ने कहा कि उन्होंने तभी कहा था कि जो कट्टर समाजवादी होंगे वे यशवंत सिन्हा का विरोध करेंगे और नेताजी का अपमान करने वाले का कभी सपोर्ट नहीं करेंगे. मेरी बात को कुछ लोगों ने माना और उन लोगों ने वोट किया.
कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी यूपीए के विधायकों ने मुर्मू को क्रॉस वोटिंग की. असम में 22, मध्य प्रदेश में 20, बिहार-छत्तीसगढ़ में 6-6, गुजरात-झारखंड में 10, महाराष्ट्र में 16, मेघालय में 7, हिमाचल में 2 और गोवा में 4 विधायकों ने द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान किया. वहीं, यशवंत सिन्हा को अपने गृह राज्य झारखंड में 81 में से केवल 9 विधायकों के वोट मिले.
एनडीए की द्रौपदी मुर्मू देश की नई राष्ट्रपति चुन ली गईं हैं. इस चुनाव में मुर्मू की जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को 28 फीसदी से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया है. द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति बनकर तीन रिकॉर्ड बना दिए हैं. जानें अब तक के सभी राष्ट्रपतियों की खास बातें...
नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद विपक्ष की ओर से विपक्षी दलों की एकजुटता की कोशिश की जाती रही है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिल सकी. पिछले दो लोकसभा चुनाव में भी नहीं हो पाया और इस बार के राष्ट्रपति चुनाव में भी ऐसा ही कुछ देखने को मिला. विपक्षी खेमे से क्रॉस वोटिंग ने द्रौपदी मुर्मू को भरी मतों एक ओर जिताया तो दूसरी ओर विपक्षी एकता के मंसूबों पर पानी फेर दिया.
Presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव में द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में बड़े पैमाने पर क्रॉस वोटिंग हुई. केरल में एनडीए का एक भी वोट नहीं था लेकिन वहां भी एक विधायक ने मुर्मू को वोट दे दिया. इस तरह द्रौपदी मुर्मू को हर राज्य से वोट मिला जबकि यशवंत सिन्हा को आंध्र प्रदेश, नागालैंड और सिक्किम से कोई वोट नहीं मिला.
राष्ट्रपति चुनाव में सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं अन्य राज्यों में भी जमकर क्रॉस वोटिंग हुई. बीजेपी का दावा है कि द्रौपदी मुर्मू को 125 विधायक और 17 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग कर समर्थन किया. बताया जा रहा है कि असम, झारखंड और मध्यप्रदेश में तमाम विपक्षी विधायकों ने एनडीए उम्मीदवार को वोट किया.
Droupadi Murmu Wins Presidential Election: द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. उन्होंने यशवंत सिन्हा को हराया है. मुर्मू देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति बन गई हैं. एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुमू ने बड़े अंतर से ये जीत दर्ज की है, साथ ही उन्हें क्रॉस वोटिंग का भी फायदा मिला है. यशवंत सिन्हा ने मुर्मू को जीत पर बधाई दी है.
Droupadi Murmu wins Presidential Election: ओडिशा के मयूरभंज की रहने वाली द्रौपदी मुर्मू देश की 15वीं राष्ट्रपति चुन ली गईं हैं.द्रौपदी मुर्मू पहली आदिवासी महिला हैं, जो राष्ट्र के सबसे प्रतिष्ठित पद पर विराजमान हुई हैं. मयूरभंज के एक छोटे से गांव से निकलकर उन्होंने राष्ट्रपति होने तक का सफर तय किया है.
द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) ने राष्ट्रपति चुनाव जीत लिया है. उनकी जीत पर देशभर में जश्न का माहौल है. इस बीच उनके भाई का रिएक्शन भी आ गया है. वह ओडिशा में रहते हैं.
एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव जीत गई हैं. वह देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होंगी. उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को बड़े अंतर से हरा दिया है.
राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आज आएंगे. 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए 18 जुलाई को वोटिंग हुई थी. नए राष्ट्रपति 25 जुलाई को शपथ लेंगे. जानें- राष्ट्रपति को क्या-क्या सुविधाएं मिलतीं हैं? 2018 तक राष्ट्रपति को हर महीने 1.50 लाख रुपये सैलरी मिलती थी. लेकिन 2018 में सैलरी को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया था. इसके अलावा राष्ट्रपति को फ्री मेडिकल, टेलीफोन बिल, आवास, बिजली समेत कई सारे भत्ते भी मिलते हैं.
देश के 15वें राष्ट्रपति के चुनाव के लिए के लिए 99 फीसदी सांसद और विधायकों ने वोट किया है. कई राज्यों में पार्टी लाइन से हटकर भी वोटिंग पैटर्न दिखा है. ऐसे में बीजेपी जिन राज्यों में सत्ता में है वहां पर मुर्मू की जीत और यशवंत सिन्हा की हार तय है, लेकिन बीजेपी जिन राज्यों में सत्ता में नहीं है वहां पर भी उसे सियासी बढ़त मिलने की संभावना है.
राष्ट्रपति चुनाव में 99 फीसदी वोटिंग हुई है और अब नतीजे 21 जुलाई को आएंगे. राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के खिलाफ विपक्ष ने काफी मशक्कत के बाद यशवंत सिन्हा को कैंडिडेट बनाया था, लेकिन क्रॉस वोटिंग नहीं रोक सकी. ऐसे में राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस, सपा, शिवसेना और एनसीपी जैसे दल को फायदा कम और सियासी नुकसान ज्यादा उठाना पड़ा है.
President Election 2022 : यूपी के डिप्टी सीएम केपी मौर्य ने यशवंत सिन्हा के एक पुराने बयान के जरिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को घेरा है.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के नाम की घोषणा 21 जून को हुई थी, लेकिन 25 दिनों में ही कई मजबूत विपक्षी दलों ने एनडीए की कैंडिडेट द्रौपदी मुर्मू को समर्थन का ऐलान कर दिया है. ऐसे में यशवंत सिन्हा जहां हर रोज पिछड़ते जा रहे हैं तो मुर्मू बड़ी जीत की ओर अग्रसर हैं.
राष्ट्रपति चुनाव में यशवंत सिन्हा विपक्ष के उम्मीदवार हैं. उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाया है. कहा गया है कि राष्ट्रपति चुनाव में भी बीजेपी ऑपरेशन लोटस को अंजाम देने में लगी है.