यमन (Yemen) पश्चिमी एशिया का एक देश है. यह अरब प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर पर स्थित है. इसके उत्तर में सऊदी अरब और पूर्वोत्तर में ओमान की सीमाएं हैं और साथ ही, इरिट्रिया, जिबूती और सोमालिया के साथ समुद्री सीमाएं साझा करता है.
यमन अरब प्रायद्वीप में दूसरा सबसे बड़ा अरब संप्रभु राज्य है, जो 5,55,000 वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है (Yemen Area). इसकी संवैधानिक रूप से घोषित राजधानी और सबसे बड़ा शहर सना है (Yemen Capital Sanaa). यमन की अनुमानित जनसंख्या 34.2 मिलियन है (Yemen Population).
2011 से, यमन राजनीतिक संकट से जूझ रहा है (Yemen Political Crisis). इस संकट की शुरुआत गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रपति सालेह की यमन के संविधान में संशोधन करने और राष्ट्रपति कार्यकाल की सीमा को समाप्त करने की योजना से हुई थी. राष्ट्रपति सालेह ने पद छोड़ दिया और राष्ट्रपति पद की शक्तियां अब्दराबुह मंसूर हादी को हस्तांतरित कर दी गईं (Yemen President).
तब से, देश एक गृहयुद्ध झेल रहा है (Yemen Civil War). जनवरी 2016 से यमन में सशस्त्र हिंसा में कम से कम 56,000 नागरिक और आर्मी मारे जा चुके हैं.
कई लाल सागर द्वीप यमन में स्थित हैं जिसमें हनीश द्वीप समूह, कामरान, और पेरिम सहित अरब सागर में सोकोट्रा शामिल हैं. इनमें से सबसे बड़ा सोकोट्रा है. यद्यपि मुख्य भूमि यमन दक्षिणी अरब प्रायद्वीप में है और इस तरह यह एशिया का हिस्सा है. इसके हनीश द्वीप और लाल सागर में पेरिम एशिया से जुड़े हुए हैं सात ही, कोट्रा का द्वीपसमूह सोमालिया के सींग के पूर्व में स्थित है (Yemen Red Sea).
ईरान को इस्लामी रिपब्लिक और कट्टरपंथ रास नहीं आया. आर्थिक तबाही, महिलाओं का दमन, भ्रष्टाचार आदि ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है. ईरानी लोग सड़कों पर उतरकर 'तानाशाह मुर्दाबाद... इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद... ना गाजा ना लेबनान के लिए, मेरी जिंदगी ईरान के लिए...' जैसे नारे लगा रहे हैं.
ईरान की सैन्य ताकत मध्य पूर्व में मजबूत है. 2025 ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में 16वें स्थान पर है. इसके पास हजारों मिसाइलें और ड्रोन हैं. ईरान से अमेरिका की दूरी बहुत ज्यादा है इसलिए ईरान वहां तक नुकसान नहीं पहुंचा पाएगा. लेकिन अरब देशों में अमेरिकी बेस पर हमला करेगा. अमेरिका के लिए दूरी समस्या नहीं है.
यमन में राजनीतिक समाधान की कोशिशों के बीच सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने दक्षिणी धाले प्रांत में हवाई हमले किए हैं. गठबंधन का कहना है कि ये हमले अलगाववादी साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) के खिलाफ किए गए, जब उसके प्रमुख ऐदारूस अल-जुबैदी रियाद वार्ता के लिए तय उड़ान में सवार नहीं हुए और फरार हो गए.
सोकोत्रा द्वीप यमन के गृहयुद्ध से दूर और अपनी अनोखी प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है, अब सऊदी अरब और UAE के बीच बढ़ते तनाव के कारण यात्रा बाधित होने का सामना कर रहा है. UAE समर्थित सदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) और सऊदी समर्थित सरकारी बलों के बीच झड़पों के कारण हवाई क्षेत्र बंद हो गया है, जिससे विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं.
सऊदी अरब और यूएई के बीच यमन में अलगाववादी ताकतों के समर्थन को लेकर तनाव चल रहा है. इसकी वजह अमेरिका की तरफ से फैलाई गई एक झूठी खबर है. इस गलतफहमी ने दोनों अरब मित्र देशों को एक-दूसरे का विरोधी बना दिया है.
दक्षिणी यमन में सऊदी अरब और यूएई समर्थित गुटों के बीच टकराव तेज हो गया है. शुक्रवार को सऊदी अरब ने यूएई समर्थित साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिनमें सात लोगों की मौत और 20 से ज्यादा के घायल होने की पुष्टि हुई है.
Yemen crisis के बहाने Saudi Crown Prince Mohammed bin Salman ने UAE को झुकाया. गल्फ में वर्चस्व, Big Brother role और Saudi-UAE tensions की पूरी कहानी.
अरब सागर के किनारे स्थित मुकल्ला बंदरगाह पर सऊदी अरब ने हवाई हमले किए हैं. यह हमला हूती विद्रोहियों पर नहीं, बल्कि उन हथियारों और वाहनों पर केंद्रित था, जिन्हें अमीरात ने भेजा था. सऊदी अरब का कहना है कि ये हथियार उसकी सीमाओं के पास पहुंच रहे थे, जिससे उसकी सुरक्षा पर खतरा था.
संयुक्त अरब अमीरात ने यमन से अपने बचे हुए सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है, जो सऊदी अरब की ओर से 24 घंटे में अमीराती बलों की वापसी की मांग के बीच आया है. इससे पहले सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमला किया था, जिसे यूएई से जुड़ी हथियारों की खेप पर कार्रवाई बताया गया था.
यमन को लेकर सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के बीच तनाव और बढ़ गया है. सऊदी अरब ने मुकल्ला बंदरगाह पर हवाई हमला कर यूएई से आई हथियारों की खेप को नष्ट करने का दावा किया था, जिसे यूएई ने बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है. यह घटनाक्रम यूएई समर्थित साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल और सऊदी अरब के बीच बढ़ते टकराव को दिखाता है, जिससे रियाद और अबू धाबी के रिश्तों में खटास आ गई है.
पिछले कुछ दिनों से शांत अरब की जमीन पर फिर से जंग की हलचल देखने को मिल रही है. एक अहम घटनाक्रम में सऊदी अरब ने यमन में हथियारों की डिलीवरी कर रहे UAE के जहाजों पर रॉकेट से हमला किया है. इसके साथ दो बिरादराना मुल्कों में तनाव बढ़ गया है.
यमन के पास अदन की खाड़ी में शनिवार को एक जहाज पर मिसाइल हमले से आग लग गई. ब्रिटिश सेना के अनुसार, यह कैमरून ध्वज वाला एलपीजी टैंकर था, जो ओमान से जिबूती जा रहा था.
इजरायली सेना ने यमन की राजधानी सना पर भीषण बमबारी की. ये कार्रवाई इजरायल के ऐलात शहर पर बुधवार को एक होटल पर किए गए ड्रोन हमले के जवाब में की गई. इजरायली सेना के अनुसार, उसने हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया. इजरायल के हमले में सना को धुआं धुआं कर दिया गया.
मध्य एशिया में हालात पिछले 3 साल से तनावपूर्ण हैं. इजरायल एक तरफ जहां गाजा पर हमले कर रहा है, वहीं अब यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा बार-बार हमला करने से परेशान इजरायल ने यमन के सैन्य ढांचों और हूतियों के गढ़ में बड़ा हमला किया है.
यमन में वर्षों से जारी गृहयुद्ध ने देश में भारी विनाश किया है, जहां ईरान समर्थित हूती विद्रोही राजधानी सना पर कब्जा किए हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार अदन में शासन कर रही है. इस बीच सऊदी अरब ने अदन स्थित यमन की सरकार को बड़ी मदद का ऐलान किया है जो हूतियों के लिए करारा झटका है.
दक्षिणी इजरायल के शहर इलात में यमन से छोड़ा गया ड्रोन एक होटल के पास गिरा, जिससे जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई. हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इजरायली सेना ने घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है.
दुनिया में कुछ शहर ऐसे हैं, जो कभी अपनी खूबसूरती, इतिहास और संस्कृति के लिए मशहूर थे, लेकिन आज वहां जाना जान जोखिम में डालने जैसा है. गृहयुद्ध, आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता ने इन्हें सबसे खतरनाक जगहों में बदल दिया है.
इलाके के निवासियों ने रॉयटर्स को बताया कि इजरायली हमला लगभग 10 मिनट तक चला. यह हमला अरबी प्रवक्ता कर्नल अविचाय अद्राई द्वारा नागरिकों को क्षेत्र खाली करने की चेतावनी देने के कुछ ही देर बाद हुआ.
इजरायली सेना ने यमन से दागी गई मिसाइल को एयर डिफेंस सिस्टम से इंटरसेप्ट कर लिया. मिसाइल हमले के दौरान कई इलाकों में सायरन बजाए गए, लेकिन किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. बीते हफ्ते भी आईडीएफ ने 10 ड्रोन गिराए थे. IDF ने कहा कि इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी हवाई खतरों का जवाब दिया जाएगा.
पिछले 24 घंटे में यमन के विद्रोहियों ने इजराइल पर तीन मिसाइलें दागीं, जो विफल रहीं. हूती विद्रोहियों ने क्लस्टर बॉम्ब्स का भी इस्तेमाल किया, लेकिन वे भी इजराइल के एयर डिफेंस को भेद नहीं पाए. ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर इजराइल के रक्षा मंत्री ने बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर हूती विद्रोहियों ने हमले नहीं रोके तो उन पर 'प्लेग जैसा कहर टूटेगा'.
इजरायल ने बुधवार को यमन की राजधानी सना और उत्तरी प्रांत पर हमला किया. युवती संचालित सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में 35 लोगों की जान चली गई और 131 अन्य घायल हुए हैं. हमले में दो अखबारों के कार्यालयों को भी निशाना बनाया गया है. दूर से आग से उठती लपटों को देखा जा सकता है.