जीका वायरस मुख्य रूप से एडीज मच्छरों द्वारा फैलता है, जो ज्यादातर दिन के समय काटते हैं. जीका वायरस संक्रमण वाले अधिकांश लोगों में लक्षण विकसित नहीं होते हैं. जिन लोगों में लक्षण विकसित होते हैं, उनमें आमतौर पर दाने, बुखार, conjunctivitis, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, और सिरदर्द जैसे लक्षण होते हैं जो 2-7 दिनों तक रहते हैं (Zika Viras Symptoms).
गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस संक्रमण से शिशुओं में माइक्रोसेफली और अन्य जन्मजात विकृतियों के साथ-साथ समय से पहले जन्म और गर्भपात हो सकता है.
जीका वायरस संक्रमण वयस्कों और बच्चों में गुइलेन-बैरे सिंड्रोम, न्यूरोपैथी और मायलाइटिस से जुड़ा हुआ है. फरवरी 2016 में, WHO ने जीका से संबंधित माइक्रोसेफली को अंतर्राष्ट्रीय चिंता का सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल (PHEIC) घोषित किया और जीका वायरस और जन्मजात विकृतियों के बीच causable relation की पुष्टि की गई थी. WHO ने उसी वर्ष नवंबर में PHEIC की समाप्ति की घोषणा भी की.
हालांकि 2017 के बाद से वैश्विक स्तर पर जीका वायरस रोग के मामलों में कमी आई है, लेकिन अमेरिका और अन्य स्थानिक क्षेत्रों के कई देशों में संक्रमण कम स्तर पर बना हुआ है.
जिका वायरस पहली बार 1947 में युगांडा में रीसस मैकाक बंदर में पहचान की गई थी, जिसके बाद 1950 के दशक में अन्य अफ्रीकी देशों में मनुष्यों में संक्रमण और बीमारी के सबूत मिले.
साल 2024 में महाराष्ट्र के पुणे में जीका वायरस के 6 मरीज मिले (Zika Virus Spread in Pune).
यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर की वायरोलॉजिस्ट सारा सॉयर कहती हैं- वायरस हमारी दुनिया में नहीं रहे हैं बल्कि हम वायरस की दुनिया में रह रहे हैं. उन्होंने हमें जीवनदान दिया हुआ है. पृथ्वी पर मौजूद कुल जीव-जंतुओं कीआबादी वायरस की संख्या की तुलना में कुछ भी नहीं है. किस्मत अच्छी है कि सभी वायरस हमें नुकसान नहीं पहुंचाते. क्योंकि वायरस बेहद चुनिंदा कोशिकाओं पर ही हमला करते हैं.
अधिकारियों ने गुरुवार को बताया कि गांधीनगर शहर के एक 70 वर्षीय व्यक्ति को जीका वायरस का संक्रमण हो गया, जिसके बाद अस्पताल में उसका इलाज किया गया और उसे छुट्टी दे दी गई. गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने एक बयान में कहा कि 70 वर्षीय बुजुर्ग को सर्दी, बुखार और जोड़ों में दर्द की शिकायत के बाद के बाद गांधीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
अभी दुनिया के कई देशों में MPox वायरस फैला है. लेकिन क्या आपको पता है कि धरती कितने वायरस मौजूद हैं. वैज्ञानिकों को संख्या पता है. धरती पर 10 नॉनिलियन वायरस मौजूद हैं. ये संख्या मिलियन, बिलियन के कहीं ऊपर है. 10 नॉनिलियन में जीरो गिनते-गिनते आप थक जाएंगे. कन्फ्यूज हो जाएंगे कि गिनती सही हो रही है या नहीं.
कुल संक्रमित लोगों में 26 गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, लेकिन गनीमत ये है कि उनमें से ज्यादातर अभी स्वस्थ हैं और बेहतर महसूस कर रही हैं. इस साल शहर में जीका वायरस संक्रमण का पहला मामला 20 जून को सामने आया था, जब एक डॉक्टर में वायरस की पुष्टि हुई थी.
अनुप्रिया पटेल ने एक लिखित जवाब में कहा, केंद्र ने जीका वायरस रोग के प्रबंधन के लिए एक कार्य योजना तैयार की है. यह योजना विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यों पर विस्तृत मार्गदर्शन देती है जिन्हें बीमारी के फैलने की स्थिति में उठाए जाने की आवश्यकता है और इसे व्यापक रूप से प्रसारित किया गया है.
महाराष्ट्र में जीका वायरस, केरल में निपाह वायरस और गुजरात में चांदीपुरा वायरस के प्रकोप को देखते हुए केंद्रीय स्वास्य्य मंत्रालय ने मामले की जांच करने, महामारी पर रोक लगाने और तकनीकी सहायता देने में राज्यों की मदद के लिए एक बहु-सदस्यीय प्रतिक्रिया टीम तैनात करने का फैसला लिया है.
जीका वायरस के लक्षण बेहद आम हैं. इनमें शरीर पर लाल चिकत्ते पड़ना, बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द और सिर में दर्द शामिल है. जीका वायरस से संक्रमित ज्यादातर लोगों में इसके लक्षण नहीं मिलते.
पुणे (Pune) में जीका वायरस (Zika virus) की एंट्री हो चुकी है. यहां दो केस सामने आए हैं. डॉक्टर और उनकी बेटी जीका वायरस से संक्रमित मिली है. यह मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. लोगों को जागरूक किया जा रहा है.
जीका वायरस के केस एक बार फिर सामने आने लगे हैं. महाराष्ट्र के पुणे में अब तक जीका वायरस के 6 केस सामने आ चुके हैं. दो गर्भवती महिलाएं भी संक्रमण के चपेट में हैं. स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी फिलहाल मरीजों की निगरानी कर रहे हैं.