16 साल की उम्र में किसी भी बच्चे का सपना डॉक्टर, इंजीनियर बनने का होता है लेकिन रांची में एक नाबालिग गैंगस्टर बनने की चाहत को लेकर उसी राह पर इतना आगे निकल गया कि इसी उम्र में तीन हत्याएं कर दीx. ( रिपोर्ट- मृत्युंजय श्रीवास्तव)
झारखंड की राजधानी रांची में एक नाबालिग के सिर पर गैंगस्टर बनने का जुनून सिर पर इस कदर सवार था कि वो छोटी-मोटी बातों पर भी लोगों की हत्या कर देता था. ऐसी घटनाओं को अंजाम देने के लिए उसने खुद से बड़े उम्र के लड़कों का गैंग बना रखा था जिसके जरिए वो नाबालिग पूरे इलाके में अपनी दहशत फैलाना चाहता था.
इतनी क्रम उम्र में आप उसके अपराध के इतिहास को जानकर दंग रह जाएंगे. 28 दिसंबर 2018 को सिल्की गुरुंग हत्याकांड में उसका नाम पहली बार सामने आया था. इसके बाद उसने एक के बाद एक कई घटनाओं को अंजाम दिया.
11 जनवरी 2019 को अनमोल हत्याकांड में उसे मुख्य आरोपी बनाया गया. रिमांड होम से बाहर आने के बाद उसने अगस्त 2020 में एक युवक के पेट में चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी. लोगों में भय पैदा करने के लिए उसने युवक की अंतड़ी को बाहर निकाल दिया था.
पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और फिर से उसे रिमांड होम में रखा गया. हालांकि एक ही हफ्ते में जेल से छूटने के बाद उसने 24 अक्टूबर को थाने के बिल्कुल पास फिर एक शख्स की हत्या कर दी. उसने अपने एक दोस्त की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उससे गांजे की दुकान का पता पूछा और दोस्त ने उस पर एक टिप्पणी कर दी. चाकुओं से गोद कर नाबालिग ने अपने ही दोस्त को मौत के घाट उतार दिया.
पुलिस पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि उसने दो महीने पहले ही अपने एक दोस्त की मदद से डालटेनगंज में 20 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी. पुलिस के मुताबिक आरोपी नाबालिग को हथियार रखने का शौक था और वो इलाके का सबसे बड़ा गैंगस्टर बनना चाहता था इसलिए वो लगातार हत्याओं को अंजाम दे रहा था. पुलिस उसके गैंग के सात अन्य युवकों को भी हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है.