असम के रहने वाले 20 साल के राहुल पारीक ने इस स्वतंत्रता दिवस को मनाने का अनोखा तरीका अपनाया है. अब हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है. गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से हिंसक झड़प में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए उन्होंने चीन से आयात किए गए इलेक्ट्रॉनिक सामान के कचरे का इस्तेमाल किया है.
असम के धुबरी जिले के रहने वाले राहुल पारीक ने खराब चाइनीज मोबाइल, टूटे हुए कैलकुलेटर्स के बेकार टुकड़ों, कीटों को मारने वाले चीनी रैकेट, स्टडी लैम्प्स, खराब मदर बोर्ड्स, टूटी एलइडी लाइट्स, डिस्पोजेबल प्लेट्स और यहां तक कि पुराने रेडियो का इस्तेमाल कर शहीद सैनिकों को एक अनूठी श्रद्धांजलि दी है.
उन्होंने इन खराब चीनी उत्पादों का इस्तेमाल एक चित्र बनाने में किया है जिसमें उन्होंने गलवान घाटी में चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई झड़प में भारतीयों शूरवीरों की जीत को प्रमुखता से दिखाया है. ऐसे समय में जब देश चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर रहा है, राहुल ने उन्हीं चीनी उत्पादों का उपयोग करने के लिए चीनी मोबाइल फोन, एलईडी लाइट्स का उपयोग करके चीन को एक मजबूत संदेश भेजा है.
यह चित्र बनाने के लिए राहुल पारीक को पुराने मोबाइल फोन की जरूरत थी जिसे उन्होंने अपने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से इकट्ठा किया. एक बार जब उन्होंने पर्याप्त खराब हैंडसेट एकत्र कर लिए, तो उन्होंने काम करना शुरू कर दिया. उन्हें इस 5 फीट लंबे चित्र को पूरा करने में कई दिन लगे. उन्होंने कहा स्वतंत्रता दिवस पर इससे अच्छी श्रद्धांजलि कुछ और नहीं हो सकती थी.
राहुल ने कहा, "मैंने ई-कचरे के साथ बहुत सारी कलाकृतियां बनाई हैं. अब इस स्वतंत्रता दिवस के लिए, मैंने एक चित्र बनाया है, जो चीनी उत्पादों से बना है. यह चित्र उन सैनिकों के लिए एक श्रद्धांजलि है जो चीन सीमा पर शहीद हो गए थे.
उन्होंने कहा, मैं इस काम के माध्यम से एक संदेश देना चाहता हूं कि हमारे लिए कोई भी चीज बड़ी नहीं है और राष्ट्र हमारी प्राथमिकता है.