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300KG की महिला का शरीर पड़े-पड़े सड़ रहा था, मुश्किल से पहुंचाई गईं अस्पताल

300 KG woman rescued in Rajkot
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गुजरात के राजकोट की सरलाबेन नाम की महिला का वजन इतना बढ़ गया कि वो हिलडुल भी नहीं पाती थीं. एक ही जगह पर पड़े-पड़े उनका शरीर सड़ने लगा था. उन्हें असहनीय दर्द भी हो रहा था. अस्पताल जाना था लेकिन 300 किलोग्राम वजनी शरीर को कैसे ले जाया जाए अस्पताल? इसके लिए एक गैर-सरकारी संस्था और फायरफाइटर्स की टीम ने मदद की. 

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300 किलो वजनी सरलाबेन की स्थिति इतनी खराब थी कि वो कई बार एक ही स्थान पर एक ही स्थिति में 15 से 20 दिन तक पड़ी रहती हैं. राजकोट की गैर-सरकारी संस्था साथी सेवा ग्रुप की जलपाबेन पटेल, उनकी टीम और फायरफाइटर विभाग ने मिलकर राजकोट सिविल अस्पताल पहुंचाया. फिर उनका इलाज शुरू हुआ. (फोटोः सोशल मीडिया)

300 KG woman rescued in Rajkot
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अस्पताल पहुंचने से पहले तीन अलग-अलग आकार की एंबुलेंस बुलाई गई थीं लेकिन वो उनमें जा नहीं सकीं. फिर फायरफाइटर टीम की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. गुजरात की स्थानीय मीडिया के अनुसार सरलाबेन को अस्पताल में सबसे पहले नीचे जमीन पर लिटाया गया. बाद में उन्हें अस्पताल में बेड मिला. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

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सरलाबेन का वजन इतना ज्यादा है कि एक ही जगह पर लेटे-लेटे उनके शरीर में घाव हो चुके हैं. सरलाबेन के पति कांतिभाई पित्रोदा दुबई में मजदूरी करते हैं. वो पिछले 10 साल से घर नहीं आए थे, लेकिन अभी जब उन्हें पत्नी का पता चला तो उन्होंने NGO से मदद मांगी. जब सरलाबेन अस्पताल में भर्ती हुई तो कांतिभाई भी आ गए. इनका 13 साल का बेटा है, जो अपनी मां की सेवा में लगा रहता है. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

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राजकोट सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया है कि सरलाबेन का इलाज करने के लिए उन्हें अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा. इसके लिए भी साथी सेवा ग्रुप ने सहमति जताई है. ये संस्थान सरलाबेन की मदद करेगी. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)

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