एक लोकप्रिय साइकोलॉजिस्ट पर एक यूनिवर्सिटी की कुछ स्टूडेंट्स पर सम्मोहन तकनीक इस्तेमाल करने का आरोप लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ वसीम अलादीन ने अपनी एक स्टूडेंट को आकर्षित करने के लिए यहां तक कहा कि वे दोनों पिछले जन्म में कपल थे और इस प्रोफेसर पर कुछ और स्टूडेंट्स पर भी सम्मोहित करने के आरोप लगे हैं.
अलादीन एक साइकोलॉजिस्ट हैं और वे एक टॉप रैंकिंग यूनिवर्सिटी में लेक्चरर भी हैं. हेल्थ एंड केयर प्रोफेशनल ट्रिब्यूनल सर्विस को मिली रिपोर्ट के अनुसार, इस यूनिवर्सिटी की छात्रा ने अलादीन की क्लासेस को जॉइन करने का फैसला किया था क्योंकि उन्हें वो बाकी प्रोफेसर्स से काफी अलग लगा था. इस लड़की के अलावा कुछ और लड़कियां भी इस प्रोफेसर से मुलाकातें करने लगीं और सबने मिलकर एक ग्रुप बनाया जिसका नाम था 'एप्रेंटिस क्लब'.
अगले एक साल के अंदर इस प्रोफेसर ने अपनी बातों में उलझाकर स्टूडेंट को एंटी डिप्रेसिव दवाइयों को लेने से मना किया और इसकी जगह उसे सम्मोहन कर देने वाली प्रक्रिया पर फोकस करने के लिए कहा. अलादीन ने इस छात्रा को सम्मोहन के लिए मना लिया था और फिर ये प्रोफेसर उसके चेहरे पर फूल को छुआता था, उसकी तस्वीरें लेता था और उसे ये भी कहा था कि वे पिछले जन्म में लवर्स थे और वो 600 साल से उसका इंतजार कर रहा है.
जब ये छात्रा असहज महसूस करने लगी तो प्रोफेसर ने यहां तक कहा कि जो उन्हें चाहिए, उसे दे दिया जाए वर्ना उनके इंतजार में पांच और छात्राएं इंतजार कर रही हैं.अलादीन पर आरोप है कि उसने एक और स्टूडेंट को सम्मोहित किया था और अपने फोन पर इस सेशन के वीडियो रिकॉर्ड करता था और उसे कहता था कि उसकी अंदरुनी खूबसूरती निखर कर बाहर आ रही है. इस स्टूडेंट का कहना था कि सम्मोहन करने के दौरान इस प्रोफेसर ने उसके सर की मसाज की और इस पूरे प्रोसेस को अपने फोन में भी रिकॉर्ड किया.
इसके अलावा भी एक स्टूडेंट ने इस प्रोफेसर पर सम्मोहन का आरोप लगाया था. प्रोफेसर की हरकतों से तंग आकर छात्राओं ने आपस में बातचीत की तो उन्हें पता चला कि माजरा क्या है. हालांकि अलादीन ने इन छात्राओं के बीच भी फूट डलवाने की कोशिश की और इन छात्राओं को पर्सनल तौर पर बातचीत कर कहा कि वे दूसरी स्टूडेंट्स से दूर रहें क्योंकि उनकी निगेटिविटी नुकसान पहुंचा सकती है.
इसके बाद एक स्टूडेंट ने यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एडवाइज सर्विस में इस प्रोफेसर की शिकायत कर दी. वहीं अलादीन ने दावा किया कि उन्होंने किसी भी लड़की को सम्मोहित नहीं किया था बल्कि उन्हें सेल्फ हिप्नोसिस यानि आत्मसम्मोहन की तकनीक सिखा रहा था. हालांकि किसी भी लड़की को ये नहीं पता था कि उन्हें आत्मसम्मोहन की तकनीक सिखाई जा रही है.
वहीं इस मामले में ट्रिब्यून्ल ने कहा कि हमें रेप की शिकायत नहीं आई है लेकिन इस प्रोफेसर की कुछ हरकतें ऐसी रहीं जिनसे उन पर काफी गंभीर शक होता है. उनकी इन हरकतों के चलते दो स्टूडेंट्स के मानसिक स्वास्थ्य पर भी फर्क पड़ा है. उनके कुछ फैसले सेक्शुएल मोटिवेशन से भरे हुए थे. इसलिए उन्हें यूनिवर्सिटी से हटाया जाता है.