एक टिकटॉकर का दावा है कि वो तीन बार मौत का अनुभव हासिल कर वापस आ चुकी हैं और अब वो टिकटॉक वीडियो के सहारे लोगों के साथ अपने अनुभव साझा कर रही हैं. रेचल बोएल नाम की इस महिला का कहना था कि उन्हें उस दौरान ऐसा लगा जैसे समय बेहद धीमा हो चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रेचल ने इस वीडियो में कहा कि 'मुझे एक बेहद दुर्लभ हार्ट कंडीशन है जिसे एसवीटी(Supraventricular tachycardia) कहा जाता है और इसके चलते मैं तीन बार मरकर वापस आ चुकी हूं. आप ज्यादा जानकारी के लिए गूगल पर सर्च कर सकते हैं.' (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रेचल ने कहा कि मेरा केस बेहद दुर्लभ था, इसके चलते डॉक्टर्स के लिए मेरा इलाज करना आसान नहीं था. एक बार मुझे एसवीटी अटैक पड़ा था और मेरी दिल की धड़कन 230 बीट्स प्रति मिनट हो गई थी जो कि बहुत तेज था और मेरा शरीर इन हालातों के साथ डील नहीं कर पा रहा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
उन्होंने आगे कहा कि मेरी आंखों के आगे बार-बार अंधेरा छा रहा था और आखिरकार मेरा दिल चलना बंद हो गया था. मैं कसम खाकर कहती हूं कि मैं जो भी बोल रही हूं वो सच है. मुझे ऐसा लगा कि मैं अपने शरीर से अलग हो चुकी हूं और मुझे सिर्फ बेहद तीव्र सफेद रंग का प्रकाश दिखाई दे रहा था. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
रेचल ने कहा कि मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा मूवमेंट बेहद स्लो हो गया है और समय बेहद धीरे-धीरे चल रहा है. मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं उस प्रकाश की तरफ बेहद धीमी गति से बढ़ रही थी और मैं पीछे मुड़कर अपने शरीर को देख रही थी और मैं सोच रही थी कि ये आखिर हो क्या रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
उन्होंने कहा कि मुझे ये बात अच्छे से याद है. मेरी हार्ट सर्जरी भी हुई थी और इसके चलते भी मेरा दिल काम करना बंद हो गया था और उस समय भी मेरे साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ था. लेकिन ईमानदारी से कहूं तो जब मुझे मरने का ऐसा अनुभव हुआ, उसके बाद से ही मेरा मौत को लेकर नजरिया काफी बदल चुका है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
उन्होंने आगे कहा कि हर किसी को लगता है कि मैं पागलों की तरह बात कर रही हूं. लोग मुझे कहते हैं कि ये शायद उन ड्रग्स का असर है जो डॉक्टर्स ने मुझे दिए हैं या फिर ऑक्सीजन की कमी के कारण मुझे मतिभ्रम हो रहे थे. लेकिन मेरे साथ ऐसा अनुभव तीन बार हुए हैं. मुझे हर बार लगा कि मेरी रूह मेरे शरीर से अलग हो गई है. .(प्रतीकात्मक तस्वीर)
उन्होंने आगे कहा कि मैं अपने आपको एक बर्ड व्यू से देख पा रही थी. मैं अपनी बॉडी को ऑपरेटिंग टेबल पर देख पा रही थी और वहां कुछ नहीं था, कोई डॉक्टर नहीं था. सिर्फ मेरा शरीर था. वो मेरे लिए एक बेहद जादुई और अद्भुत क्षण था.(प्रतीकात्मक तस्वीर)