अमेरिका में रहने वाली एक 20 साल की लड़की कोलीन स्टेन हिचहाइकिंग के जरिए अक्सर एक जगह से दूसरी जगह जाया करती थी. हिचहाइकिंग यानि लोगों से लिफ्ट लेने के सहारे अपनी मंजिल तक पहुंचना. कोलीन स्टेन ने यूं ही एक बार एक कपल से लिफ्ट मांगी थी लेकिन वो उसकी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती साबित हुई थी. साल 1977 में हुई ये घटना इतनी ज्यादा भयावह और सनसनीखेज थी कि इस पर एक फिल्म भी बनकर तैयार हो चुकी है जिसका नाम ए गर्ल इन द बॉक्स है.
दरअसल कोलीन को पास ही में अपने दोस्त की बर्थ डे पार्टी के लिए जाना था, लेकिन 23 साल के कैमरून हूकर और उसकी पत्नी जेनिस, कोलीन को बेहोश करने के बाद उसे कैलिफॉर्निया अपने घर ले गए और उसे एक ताबूतनुमा बक्से में बंद कर दिया. कोलीन अगले सात सालों तक उसी ताबुतनुमा बक्से में बंद रहती. उसे मारा जाता, टॉर्चर किया जाता और रेप किया जाता. कोलीन को दिन के 23-23 घंटे इसी बक्से में बिताने होते और उसे सिर्फ रेप या टॉर्चर करने के लिए बाहर निकाला जाता. (फोटो साभार: AP)
कोलीन को ना सिर्फ भूखा-प्यासा रखा जाता था बल्कि उसका ब्रेनवॉश भी किया जा रहा था कि कैमरून एक बेहद खतरनाक संस्था द कंपनी का हिस्सा है और अगर उसने भागने की कोशिश की तो कंपनी के लोग उसे मरवा देंगे. कोलीन से इसके अलावा एक कॉन्ट्रेक्ट भी साइन करवा लिया गया था जिसमें लिखा गया था कि कैमरून और जेनिस कोलीन के मालिक हैं और वो एक गुलाम है.
हालांकि सबसे ज्यादा आश्चर्यजनक बात ये है कि कोलीन के अपहरण के तीन साल बाद वो उसे उनके पेरेंट्स के घर ले गया था. कोलीन का इस हद तक ब्रेनवॉश हो चुका था कि उसने अपने पेरेंट्स को अकेले में भी ये झूठ बोल दिया था कि कैमरून उसका बॉयफ्रेंड है और वे दोनों खुश हैं. कोलीन अपने घरवालों को काफी शक के बावजूद मनाने में कामयाब रही. इसके बाद कोलीन को ज्यादा समय के लिए बॉक्स से बाहर समय बिताने का मौका मिलने लगा. (फोटो साभार: AP)
हूकर ने कोलीन को अपनी दूसरी पत्नी बनाने का निर्णय लिया जिसके चलते जेनिस काफी नाराज हो गई और उसने कोलीन को सारी सच्चाई बता दी. जेनिस ने कहा कि कंपनी नाम की कोई संस्था नहीं है और हूकर उसका शोषण कर रहा है. जेनिस ने ये भी बताया कि 15 साल की उम्र से हूकर भी उसके साथ बदसलूकी कर रहा है और वो जेनिस को भी काफी टॉर्चर करता था.
इससे परेशान होने के चलते ही जेनिस ने हूकर के साथ एक कॉन्ट्रेक्ट साइन किया था जिसमें हूकर ने एक सेक्स स्लेव की मांग की थी और यही कारण था कि कोलीन को किडनैप किया गया था. सात सालों बाद यानि 1984 में जेनिस ने ही कोलीन को बस स्टेशन पर बैठाया था और खुद अपनी दो बच्चियों के साथ भाग गई थी.
कोलीन भी स्टॉकहोम सिंड्रोम से जूझ रही थी. ये कॉन्सेप्ट आलिया भट्ट और रणदीप हुड्डा की फिल्म हाईवे में भी देखने को मिला था. इस सिंड्रोम में इंसान को अपने किडनैपर से लगाव हो जाता है. यही कारण है कि सात सालों के मुश्किल हालातों के बाद भी कोलीन ने हूकर को फोन लगा दिया था. हूकर भी कोलीन की आवाज सुनकर रो पड़ा था. कोलीन ने किडनैप और टॉर्चर की रिपोर्ट तक नहीं लिखवाई थी क्योंकि उसे लगता है कि वो शायद सुधर जाएगा. हालांकि जेनिस ने पुलिस को अपने पति के सारे कारनामों के बारे में बता दिया था और हूकर को 104 सालों की सजा सुनाई गई थी. (फोटो साभार: AP)