अमेरिका में रहने वाली 24 साल की लूसी डॉसन आज एक सफल मॉडल हैं लेकिन तीन साल पहले उनके हालात इतने बदतर हो चुके थे कि डॉक्टर्स ने भी एक दौर में अपने हाथ खड़े कर लिए थे और उन्होंने लूसी के पैरेंट्स को ये तक कह दिया था कि उनके जिंदा बचने की संभावना काफी कम है. लेकिन लूसी ने बहादुरी से काम लेते हुए अपने आपको स्थापित करने में कामयाबी हासिल की है.
लूसी की परेशानियां चार साल पहले शुरू हुई थीं जब उन्हें माइग्रेन होना शुरू हुआ था और उनके सिर में बहुत तेज दर्द होता था. वे इसके चलते डिप्रेस्ड रहने लगी थीं और अपना काफी सारा समय बेड पर लेटे हुए बिताने लगी थीं. इसके बाद उन्हें दो बार नर्वस ब्रेकडाउन भी हुआ.
इस ब्रेकडाउन के दौरान लूसी ने अपने घर में रखी चीजों को यहां-वहां फेंकना शुरू कर दिया. वो पागलों की तरह हंस और रो रही थीं और वे लगातार चिल्लाए जा रही थीं. लूसी के पैरेंट्स मौके पर पहुंचे और फिर उसे लिंकन काउंटी अस्पताल ले गए थे.
लूसी के हालात इतने खराब थे कि उसने उस दौरान चलती कार से भी कूदने की कोशिश की थी और उसने अस्पताल के वेटिंग एरिया में मौजूद चीजों को भी नुकसान पहुंचाया था. लूसी के हालातों को देखते हुए उसे साइकिएट्रिक यूनिट में रखा गया था. वहां लूसी को तीन महीनों तक रखा गया और इस दौरान उसके हालात बद से बदतर होते चले गए.
लूसी को साइकोटिक ड्रग्स दिए गए. उनके 21वें बर्थ डे पर उन्हें इलेक्ट्रिक झटके भी दिए गए. लूसी की बॉडी शटडाउन होने लगी थी और डॉक्टर्स उन्हें लेकर हार मानने की कगार पर थे. हालांकि लूसी को साइकिएट्रिक कंडीशन या मानसिक समस्या नहीं थी बल्कि वे दिमाग की एक दुर्लभ बीमारी encephalitis से जूझ रही थीं. इस बीमारी में मस्तिष्क में सूजन होने लगती है और इलाज ना मिलने पर इंसान की जान भी जा सकती है.