दुनिया के बेहतरीन टेक कंपनियों में शुमार एपल के लिए फोन बनाने वाली विस्ट्रॉन फैक्ट्री में सैलरी नहीं मिलने पर कर्मचारियों के तोड़फोन करने पर अब एपल कंपनी एक्शन में आ गई है. कंपनी की तरफ कहा गया है कि अब इस ताइवान की कंपनी को दिए गए ठेके की समीक्षा की जा रही है. जब तक विस्ट्रॉन कॉरपोरेशन कर्मचारियों के सैलरी के मामले को सुलझा नहीं लेती तब तक उसे कोई भी नया ठेका नहीं दिया जाएगा.
एपल कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि कर्नाटक में विस्ट्रॉन प्लांट में हिंसा के मद्देनजर एपल इंक ने ऑडिट के बाद शुरुआती निष्कर्षों में पाया कि सप्लायर ने कोड ऑफ कंडक्ट ’का उल्लंघन किया है.
बता दें कि सैलरी नहीं मिलने पर ठेके पर रखे गए मजदूरों ने 12 दिसंबर को विस्ट्रॉन की फैक्ट्री में बवाल मचाया था और काफी तोड़फोड़ की थी. कुछ मजदूर वहां से आईफोन लेकर भी चले गए थे. इससे विस्ट्रॉन को लाखों डॉलर का नुकसान हुआ और मजबूरन इस प्लांट को बंद करना पड़ा.
Apple ने कहा कि Wistron प्रबंधन प्रक्रियाओं को लागू करने में विफल रहा, जिसके कारण अक्टूबर और नवंबर में कुछ श्रमिकों के भुगतान में देरी हुई.
विस्ट्रॉन ने शनिवार को कर्नाटक के नरसापुरा में संयंत्र में कुछ श्रमिकों को सही तरीके से या समय पर भुगतान नहीं करने पर अपने एक शीर्ष कार्यकारी को पद से हटा दिया, ये अधिकारी भारत में कंपनी के व्यवसाय की देखरेख कर रहे थे. Apple ने कहा कि वो सुधारात्मक कार्रवाई पर Wistron की निगरानी करना जारी रखेगा. विस्ट्रॉन ने एक बयान में कहा, "यह एक नई सुविधा है और जैसी ही इसका विस्तार हुआ हमने उसमें गलतियां कीं. "कुछ प्रक्रियाओं को हम श्रम एजेंसियों के प्रबंधन के लिए रखते हैं. अब भुगतान प्रकिया को मजबूत और उन्नत बनाने की आवश्यकता है."