कोरोना महामारी के बीच लोग दिवाली की छुट्टियों के पहले ही घूमने निकल पड़े हैं, ऐतिहासिक शहर जूनागढ़ में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी है. यहां एशिया का सबसे बड़ा रोप वे लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. रोप वे में बैठकर गिरनार पर्वत के नजारों को देखने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंच रहे हैं. बता दें कि पहले इस पर्वत पर पहुंचने के लिए लोगों को 10,000 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती थीं.
(इनपुट- भार्गवी जोशी)
गिरनार पर्वत की चढ़ाई हर किसी के लिए संभव नहीं थी, बूढ़े और बच्चों के लिए तो गिरनार पर चढ़ाई एक सपना थी. पर अब इस पर्वत की चोटी पर मां अम्बाजी के दर्शन करना हर किसी के लिए संभव हो चुका है.
रोप वे के इंचार्ज दिनेश पुरोहित कहते हैं कि एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और सबसे मॉर्डन टेक्नोलॉजी से बने इस रोप वे का आनंद लेने के लिए 24 अक्टूबर से अभी तक 20,000 पर्यटक आ चुके हैं. हर कोई खुश होकर लौट रहा है.
लोगों को अभी तक 10,000 सीढ़ियां चढ़ना मुश्किल लगता था तो दूर से देखते थे और अब गिरनार पर चढ़कर पूरा जूनागढ़ देखने का मजा ले रहे हैं.