ऑस्ट्रेलिया की सरकार को अमेरिका से आया एक सफेद कबूतर इस समय जैविक सुरक्षा के लिए खतरा महसूस हो रहा है. ऑस्ट्रेलिया की सरकार का मानना है कि इस एक कबूतर के आने से बीमारियां फैल सकती हैं. जबकि, यह कबूतर अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया 13 हजार किलोमीटर की यात्रा करके पहुंचा है. आइए जानते हैं इस सफेद कबूतर की कहानी... (फोटोःएपी)
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल अक्टूबर महीने में ये सफेद कबूतर अमेरिका के ओरेगॉन में कबूतरों के रेस में शामिल हो रहा था. लेकिन रेस के दौरान ही ये भाग गया. इसका नाम जो (Joe) है. इसके एक पैर में नीले रंग का पट्टा बंधा है, जो रेस में इसे पहचान देने के लिए बांधा गया था. यह 13 हजार किलोमीटर की यात्रा करके 26 दिसंबर को मेलबर्न पहुंचा. (फोटोःएपी)
अब सफेद कबूतर जो (Joe) की यात्रा और इसके पैर में बंधे नीले बैंड के आधार पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार यह मान रही है कि यह बीमारियां फैला सकता है. इसलिए इस कबूतर को मारा जाएगा. लेकिन इससे पहले अमेरिका में ओक्लाहोमा स्थित अमेरिकन रेसिंग पिजन यूनियन के स्पोर्ट डेवलपमेंट मैनेजर डियोन रॉबर्ट्स ने कहा कि कबूतर के पैर में बंधा नीला बैंड नकली है. (फोटोःएपी)
डियोन रॉबर्ट्स ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में जो कबूतर मिला है वह अमेरिकी नीले बैंड वाले कबूतरों से अलग है. क्योंकि उस कबूतर को हम ट्रेस नहीं कर पा रहे हैं जो रेस से गायब हुआ था. अगर ये रेस वाला कबूतर होता तो हम इसे इसके बैंड से पहचान लेते. ये निश्चित तौर पर ऑस्ट्रेलिया का ही कबूतर है, अमेरिका में इसका घर नहीं है. (फोटोःएपी)
हालांकि ऑस्ट्रेलिया के कृषि विभाग ने अभी तक यह नहीं बताया कि अगर इसके बैंड नकली है तो इसे मारा जाएगा या नहीं. लेकिन सफेद कबूतर जो (Joe) पर ऑस्ट्रेलियाई सरकार नजर रख रही है. गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा था कि इस कबूतर को ऑस्ट्रेलिया में रहने का कोई हक नहीं है. इसकी वजह से ऑस्ट्रेलिया में खाद्य सुरक्षा और जंगली पक्षियों की आबादी को खतरा हो सकता है. (प्रतीकात्मक फोटोःएपी)
ऑस्ट्रेलियाई कृषि विभाग से स्पष्ट तौर पर अपने बयान में कहा था कि सफेद कबूतर जो (Joe) ऑस्ट्रेलिया में एक जैविक खतरा है. यह हमारी पोल्ट्री इंड्स्ट्री और ऑस्ट्रेलियाई पक्षियों के लिए खतरा है. लेकिन मेलबर्न निवासी केविन सेलिबर्ड ने कहा कि सफेद कबूतर जो (Joe) बहुत प्यारा है. वो मेरे छत पर रह रहा है. उसे मारा नहीं जाना चाहिए. उससे किसी को कोई खतरा नहीं है. (प्रतीकात्मक फोटोःएपी)
केविन सेलिबर्ड ने अमेरिकन रेसिंग पिजन यूनियन को फोन करके कबूतर के बैंड पर लिखे नंबर के आधार पर इसके मालिक को खोजने की अपील की है. उस बैंड पर एक नंबर और निशान भी है. केविन ने बताया कि जब वह कबूतर आया था तो बेहद थका हुआ था. उसने कई दिनों तक मेरी छत पर आराम किया. मैंने भी उसे दाना और पानी दिया. अब वह कभी-कभी मेरी छत पर आता है. (प्रतीकात्मक फोटोःएपी)