ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने एक चॉकलेट रंग के मेंढक की खोज की है. दुनिया के दूसरे सबसे बड़े द्वीप न्यू गिनी के घने जंगलों में जाकर इन शोधकर्ताओं ने बेहद दुर्लभ मेंढक को खोजा है और ये सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में कैडबरी फ्रेडो चॉकलेट बार काफी लोकप्रिय हैं और ऑस्ट्रेलिया में इस मेंढक की खोज के साथ ही फ्रेडो चॉकलेट ट्रेंड होने लगा. बता दें कि ऑस्ट्रेलियाई शहर क्वीन्सलैंड की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने इस मेंढक को खोजने में सफलता हासिल की है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)
रिपोर्ट्स के अनुसार, ये मेंढक इतने लंबे समय तक इंसानों की नजरों से दूर रहकर एक रहस्य इसलिए बना रहा क्योंकि जिन उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में ये रहता है, उन जंगलों को भेदना कड़ी चुनौती है हालांकि इन निडर रिसर्चर्स ने काफी संघर्ष के बाद इसमें कामयाबी पाई. (चॉकलेट मेंढक/Getty Images)
गौरतलब है कि साउथ ऑस्ट्रेलियाई म्यूजियम के मेंढक विशेषज्ञ रिचर्ड्स और ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के पॉल ओलिवर ने इस जेनेटिक एनालिसिस को अंजाम दिया है और उन्होंने इस मेंढक की खोज की घोषणा मई महीने में ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ जूलोजी में एक पेपर पब्लिश कर दी थी. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)
वैज्ञानिकों ने इस मेंढक के रंग को देखते ही इसे चॉकलेट मेंढक करार दिया था लेकिन इसका लैटिन नाम लिटोरिया मीरा है. इस नाम का अर्थ है आश्चर्य या अजीब. चूंकि ये वैज्ञानिक इस मेंढक को देखकर हैरान रह गए थे इसलिए इसका नाम लैटिन नाम लिटोरिया मीरा रखा गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)
डॉक्टर पॉल ओलिवर का कहना है कि चॉकलेट मेंढक यानि लिटोरिया मीरा का सबसे करीबी रिलेटिव ऑस्ट्रेलियाई ग्रीन ट्री मेंढक है और ये दोनों प्रजातियां काफी हद तक लगभग एक सी ही दिखाई देती हैं. (चॉकलेट मेंढक, फोटो क्रेडिट: ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ जूलोजी)
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन जहां एक का रंग हरा है वही दूसरे मेंढक का रंग चॉकलेट जैसा है. ये खोज कहीं ना कहीं ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी के बीच प्राचीन संबंधों का भी प्रमाण है जो लगभग दो मिलियन से पांच मिलियन वर्ष पहले से जुड़े हुए थे. गौरतलब है कि ये चॉकलेट मेंढक जहां पाया गया है वो जगह इंसानों के लिए सबसे खतरनाक स्थानों में से एक मानी जाती है.(ग्रीन ट्री मेंढक/Getty Images)