राम मंदिर भूमि पूजन के लिए अयोध्या में तैयारियां चरम पर हैं. अब सभी को इंतजार 5 अगस्त का है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर निर्माण के लिए पहली ईंट लगाएंगे. कोरोना काल में इस भव्य आयोजन के लिए प्रशासन ने ऐसी तैयारी की है कि परिंदा भी पर न मार सके. फैजाबाद प्रशासन आयोजन को लेकर पूरी तरह चौकस है.
अगर बात सुरक्षा व्यवस्था की करें तो प्रधानमंत्री मोदी के दौरे को देखते हुए अयोध्या की सीमाएं सील कर दी जाएंगी. पीएम की सुरक्षा को लेकर सात जोन बनाए गए हैं. इसमें हनुमानगढ़ी और सरयू तट भी शामिल हैं. साकेत महाविद्यालय से लेकर नया घाट तक के मुख्य मार्ग को सुपर सिक्योरिटी जोन में रखा गया है.
भूमि पूजन की पूर्व संध्या यानी 4 अगस्त की शाम से किसी को अयोध्या में प्रवेश नहीं मिलेगा. सभी रास्तों पर तैयारियों की मॉनिटरिंग की जा रही है. पड़ोसी जिलों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ सीमा पर निगरानी करेंगे. तीन अगस्त से ही हाईवे समेत सभी छोटे-बड़े रास्तों पर बैरियर लगा दिए जाएंगे.
सुरक्षा चुनौतियां को देखते हुए राज्य सरकार सुरक्षा उपायों में कोई कमी नहीं रखना चाहती है. यही वजह है कि यूपी के तमाम आला अधिकारियों ने शुक्रवार को अयोध्या में ही डेरा डाले रखा. हर व्यवस्था को देखा, परखा और पीएम के दौरे के मद्देनजर जरूरी दिशा निर्देश दिए.
पूरा अयोध्या शहर सज रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे ये तैयारियां हर किसी को आमंत्रित कर रही हों इस ऐतिहासिक मौके का साक्षी बनने के लिए. लेकिन कोरोना ने दुनिया की रीत ही बदल कर रख दी है. इसलिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से खास अपील की है.
सीएम योगी ने लोगों से घरों में रहकर इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को लाइव देखने की अपील की है. 4 और 5 अगस्त को घरों में देव मंदिर में दीप जलाने और अखंड रामायण पाठ करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा प्रधानमंत्री जी के कारण ही देश और दुनिया करीब 5 शताब्दी बाद इस शुभ मुहूर्त का एहसास कर पा रही है.
मुख्यमंत्री पिछले हफ्ते ही अयोध्या का दौरा कर चुके हैं और अब 2 अगस्त को तैयारियों का जायजा लेने फिर अयोध्या पहुंचेंगे. इस बीच शुक्रवार को केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री प्रह्रलाद पटेल ने भी अयोध्या का दौरा किया.
शासन और प्रशासन के सामने इस ऐतिहासिक मौके को यादगार बनाने की चुनौती है. कोशिश ये की जा रही है कि कोरोना महामारी की तमाम सीमाओं के बीच ही इस आयोजन को ऐसा किया जाए जो अद्भुत हो, अविस्मरणीय हो और अविश्वसनीय भी. इसके लिए पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है.