सरकार द्वारा तमाम गाइडलाइन और उस पर अवेयरनेस के ऊपर करोड़ों-अरबों रुपये भी खर्च कर रही है. उसकी जमीनी हकीकत आम जनता किस रूप में देखती है या किस रूप में अपनाती है, इसका जीता जागता उदाहरण यूपी के आजमगढ़ में देखने को मिला. यहां कोविड-19 की गाइडलाइन को दरकिनार कर डीजे पर देर रात तक बार बालाओं का डांस होता रहा जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जुटी. (आजमगढ़ से राजीव कुमार की रिपोर्ट)
आजमगढ़ जिले के कंधरापुर थाना इलाके में एक समारोह के दौरान बार बाला का डांस देर रात तक आयोजित किया गया और उसमें फूहड़ डांस डीजे की धुन पर होता रहा. एक-दो नहीं बल्कि आधा दर्जन से ऊपर बार बालाओं का डांस देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर के म्यूजिक में होता रहा.
नियमों की धज्जियां उड़ाते सोशल डिस्टेंसिंग और पूरी भीड़ में बिना किसी मास्क के लोग एक दूसरे से सट कर इस कदर बैठे थे जैसे उन्हें कोरोना महामारी की कोई परवाह भी नहीं.
इस पूरे मामले पर न ही वहां स्थानीय पुलिस और ना ही कोई उसे रोकने वाला ही दिखा. अब सवाल भी यही उठता है कि इस तरह के आयोजन और प्रायोजन की इजाजत कौन देता है? क्या इस तरह के आयोजनों पर कोई रोक लगाने और उन्हें इस भयंकर कोरोना जैसी बीमारी का जरा सा भी खौफ नहीं.