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दोपहिया वाहन से 500 किमी के सफर पर निकली महिला, साथ में मासूम बेटा

दोपहिया वाहन से 500 किमी के सफर पर निकली महिला, साथ में मासूम बेटा
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कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए देश भर में लॉकडाउन लगाया गया है. जिसकी वजह से जो लोग जहां थे वहीं फंस गए हैं. मजबूरियों के चलते और नौकरी न होने के कारण कई प्रवासी मजदूरों ने पैदल ही अपने घर की ओर निकलने का फैसला कर लिया. तो वहीं कई लोगों ने  ट्रकों की छत पर चढ़कर, तो कुछ बैलगाड़ी और साइकिल से अपने घर जा रहे हैं.
दोपहिया वाहन से 500 किमी के सफर पर निकली महिला, साथ में मासूम बेटा
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ऐसी ही तस्वीर बालाघाट से देखने को मिली जहां महिला एक दोपहिया वाहन से 500 किलोमीटर दूर अपने घर टीकमगढ़ जाने के लिए निकल पड़ी. इस दौरान उसका 8 साल का बेटा भी साथ था. बताया जा रहा है कि महिला लॉकडाउन के पहले बालाघाट के हट्टा गांव अपने पिता की तेरहवीं पर मायके आई थी. तब से ही बालाघाट में ही फंसी हुई थी.
दोपहिया वाहन से 500 किमी के सफर पर निकली महिला, साथ में मासूम बेटा
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अभी ट्रांसपोर्ट का कोई साधन नहीं मिलने पर महिला ने सरकारी वेबसाइट के जरिए से इजाजत ली और अपने दोपहिया वाहन पर अपने 8 साल के बेटे को लेकर 500 किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़ी. महिला का नाम द्रोपदी राय है, जो बालाघाट के एक गांव की रहने वाली है.
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दोपहिया वाहन से 500 किमी के सफर पर निकली महिला, साथ में मासूम बेटा
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द्रोपदी राय ने मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ स्थित अपने ससुराल जाने के लिए अपने स्वर्गीय पिता की ही मोपेड (दोपहिया वाहन) से 500 किलोमीटर की यात्रा पर निकल पड़ी है. साथ में 8 साल के बेटे को गाड़ी पर बैठा लिया और गाड़ी पर अपना सामान बांध लिया.
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द्रोपदी राय का कहा, मैं पिता की तेरहवीं में बालाघाट आई थी. बेटा भी यही पढ़ता है सोचा उसके एग्जाम तक रुक जाऊं, लेकिन इसी बीच लॉकडाउन लग गया. जिसके बाद घर जाने के लिए कोई साधन नहीं मिला. तो अब अपने स्वर्गीय पिता की गाड़ी से ही टीकमगढ़ जा रही हूं. क्योंकि और कोई रास्ता नहीं है.'
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