जमीन पर सबसे तेज चलने वाली कार अब बिकने के लिए तैयार है. इस कार का नाम है ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car). इसने जमीन पर चलने वाली सभी तेज गाड़ियों का रिकॉर्ड तोड़ा है. साल 2019 में इसने 1010 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति हासिल की थी. अब इसके ओनर्स चाहते हैं कि इसे कोई और चलाए. कोई और देखभाल करे. (फोटोःगेटी)
ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car) के मालिक इयान वॉरहर्स्ट ने बताया कि इसे अभी 1288 किलोमीटर प्रति घंटा की हासिल करनी है. इसने साल 2019 में कालाहारी रेगिस्तान में सबसे तेज कार होने का रिकॉर्ड बनाया था. लेकिन अब इयान चाहते हैं कि इसे कोई और चलाए. इसपर किसी और का हक हो. (फोटोःगेटी)
यॉर्कशायर के रहने वाले इयान वॉरहर्स्ट ने कहा ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car) को 1288 किलोमीटर प्रतिघंटा की रिकॉर्ड तक लाने के लिए इसमें एक रॉकेट मोटर लगाने की जरूरत है. इसमें कुल 80.11 करोड़ रुपए की लागत आएगी. इसके बाद यह धरती पर चलने वाली सबसे तेज गाड़ी हो जाएगी. (फोटोःगेटी)
इयान वॉरहर्स्ट ने बीबीसी को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car) अब मैं अपने पैसे इस प्रोजेक्ट में नहीं लगा सकता. मैंने काफी चीजें हासिल की हैं इससे, अब किसी और का समय है. 1288 किलोमीटर प्रतिघंटे का रिकॉर्ड में नहीं तोड़ पाया. अब इसे कोई और तोड़ेगा. (फोटोःगेटी)
दुनिया के इतिहास में अब तक सिर्फ सात कारें ही ऐसी बनी हैं जो 965 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार तक पहुंच पाई हैं. लेकिन ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car) ने ये रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है. वह 1288 किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है लेकिन अब इसे चलाने के लिए इसमें काफी पैसे लगाने होंगे. (फोटोःगेटी)
ब्लडहाउड सुपरसोनिक कार (Bloodhound Supersonic Car) में अभी लड़ाकू विमान यूरोफाइटर टाइफून का जेट इंजन लगा है. लेकिन इसकी गति को 1288 KM प्रतिघंटा पहुंचाने के लिए इसमें रॉकेट का इंजन लगाना होगा. अब इयान वॉरहर्स्ट इस प्रोजेक्ट को किसी और को बेचना चाहते हैं. (फोटोःगेटी)