विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से वैज्ञानिकों की एक टीम इस हफ्ते चीन जाने वाली है. ये टीम वहां जाकर कोरोना वायरस की उत्पत्ति की वजह पता करेगी, जिसकी वजह से अब तक करीब 20 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीच, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के एक बयान से चीन की सरकार को काफी बुरा लगा है. अब चीन की सरकार की तरफ से भी बोरिस के लिए सख्त बयाने की आने की उम्मीद जताई जा रही है. (फोटोःगेटी)
बोरिस जॉनसन ने कहा कि चीन से पूरी दुनिया में फैले कोरोना वायरस की वजह चीन में उनकी पारंपरिक दवाओं को लेकर पागलपन है. पैंगोलिन जैसे जीवों का उपयोग शारीरिक ताकत बढ़ाने के लिए करना पागलपन है. बोरिस जॉनसन दुनिया भर के नेताओं को वन प्लैनेट नाम के एक अंतरराष्ट्रीय समारोह में संबोधित कर रहे थे, तभी उन्होंने ये बात कही. (फोटोःगेटी)
बोरिस ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी इंसानों और प्रकृति के बीच हुए असंतुलन का नतीजा है. ये चमगादड़ों से आया या पैंगोलिन से हमें नहीं पता लेकिन पैंगोलिन का उपयोग इंसानों की ताकत और यौनशक्ति बढ़ाने के लिए करना एक पागलपन है. आपको बता दें कि चीन समेत कई दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों में पैंगोलिन की खाल का उपयोग यौनशक्ति बढ़ाने वाली दवाओं में होता है. (फोटोःगेटी)
कोरोना वायरस चीन के वुहान से फैला था. अब WHO की टीम वहां जाकर जांच करेगी कि ये वायरस कहां से आया. कुछ लोग कहते हैं कि ये चमगादड़ों से फैला जबकि कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि जानवरों से इंसानों में कोरोना वायरस फैलाने में पैंगोलिन की बड़ी भूमिका रही है. इसके अलावा पैंगोलिन में कोरोना वायरस जैसा वायरस मिला था. (फोटोःगेटी)
चीन इस साल मई में संयुक्त राष्ट्र की बायोडायवर्सिटी पर आधारित बैठक करवा रहा है. यह बैठक कुनमिंग में होगी. इसलिए बोरिस जॉनसन ने चीन से कहा है कि वो इस बैठक को सही मायने में उपयोगी बनाए. अपने देश को जीवों और पेड़-पौधों को लेकर कोई सही योजना बनाए. (फोटोःगेटी)
बोरिस ने कहा कि पैंगोलिन की खाल से यौनशक्ति बढ़ाने वाली दवाएं बनाना एक पागलपन है. आपको बता दें कि बोरिस जॉनसन हमेशा से पैंगोलिन जीवों को पसंद करते हैं. जब वे विदेश सचिव थे तब उनकी डेस्क पर पैंगोलिन का सॉफ्ट ट्वॉय रखते थे. इतना ही नहीं जब जॉगिंग करने जाते थे तब सेव पैंगोलिन लिखा हुआ टीशर्ट पहनते थे. (फोटोःगेटी)