मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में हर वर्ष की तरह इस बार भी दिवाली के दूसरे दिन पाड़ा (भैंसों) के दंगल का आयोजन हुआ. वर्षों पुरानी इस परंपरा को लेकर दशहरा मैदान पर बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पाड़ों को लेकर आये. यहां पूजन के बाद पाड़ा दंगल हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी मौजूद रहे. बताया जाता है कि आज भी भैंसों की लड़ाई नाम व वर्चस्व के लिए कराई जाती है.
धनगर समाज की ये वर्षों पुरानी परंपरा चली आ रही है. मेला कमेटी के सदस्य संतोष यादव ने बताया कि दिवाली के अगले दिन पड़वा के अवसर पर इस दंगल का आयोजन किया जाता है. इस दंगल के बहाने लोग एक दूसरे से मिलते हैं, तो वहीं दंगल से लोगों का मनोरंजन होता है.
पहले पशुपालक अपने पशुओं को सजा धजा कर शहर में घुमाने के लिए निकालते हैं. पशुओं को घुमाने के बाद उसे दशहरा मैदान ले जाया जाता है. जहां दंगल होता है.
बता दें कि इस अनोखी लड़ाई को देखने के लिए आसपास के गांव के हजारों लोग आते हैं. पशु मालिकों ने बताया भैंसों की लड़ाई नाम व वर्चस्व के लिए कराई जाती है. लड़ाई से पहले वे भैंसों को बेहतरीन खुराक देते हैं.