बिहार के बिहटा में किन्नर समाज के लोगों ने लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन शुक्रवार को भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया और देश में सुख-समृद्धि की दुआ मांगी. महापर्व छठ को हर वर्ग के लोग बड़ी धूम-धाम से मना रहे हैं. किन्नर समुदाय के लोगों को उम्मीद है कि छठी मइया कोरोना से जल्द से जल्द छुटकारा दिलाएंगी.
(इनपुट- मनोज कुमार सिंह)
राजधानी पटना के बिहटा में छठ पूजा में इस बार किन्नर समुदाय ने भी अपनी भागीदारी दिखाई दी. इस साल कोरोना वायरस ने उनके काम धंधे को पूरी तरह से चौपट कर दिया है. जिसकी वजह से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
कोरोना वायरस महामारी से छुटकारा पाने के लिए किन्नरों ने चार दिन के इस पर्व को करने का निर्णय लिया. इनके हौसले और उत्साह को देखकर बिहटा के लोग भी काफी खुश हैं. लोगों को उम्मीद है कि किन्नरों के पूजा करने से इस महामारी से हर किसी को मुक्ति जरूर मिलेगी.
छठ महापर्व के तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए किन्नर ऐतिहासिक बाबा बिटेश्वरनाथ मंदिर के तालाब पर पेट के बल रेंगते हुए (दंडवत करते हुए) भगवान भास्कर की आराधना करने के लिए पहुंचे. जहां पर उन्होंने विधिवत तरीके से पूजा की और छठ गीत गाकर भगवान सूर्य की आराधना की. उन्हें देखने के लिए काफी संख्या में लोग भी घाट पर पहुंचे और इनकी पूजा में शामिल हुए.
किन्नर रीना ने बताया कि भगवान सूर्य से यह मन्नत मांग रही हूं कि जल्द से जल्द कोविड जैसी महामारी को खत्म करें. जिससे उनकी रोजी रोटी पर आफत नहीं आये और यहां के लोग भी स्वस्थ और सुखी रहें. साथ ही उन्होंने कहा कि वो लोग छठ पूजा के अलावा सभी पर्व करते आए हैं. दीपावली हो नवरात्रि या तीज पर्व, इन सभी को करने से उन्हें काफी खुशी मिलती है और अपने समाज के साथ-साथ पूरे देश की सुख समृद्धि की कामना करते हैं.