कोरोना काल में बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव की चर्चा पूरे देश में है लेकिन रूस में एक ऐसा भी चुनाव हुआ है जिसने महिला की किस्मत बदल दी है. जिस दफ्तर में बीते पांच साल से वो महिला सफाई का काम करती थी अब वो उसी दफ्तर में कुर्सी संभालेंगी.
रूस में स्थानीय चुनाव में हुए उलटफेर की वजह से यह संभव हुआ है. दरअसल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पार्टी के उम्मीदवार को एक सफाई करने वाली आम महिला ने हरा दिया. वो महिला बीते पांच साल से उसी दफ्तर में बतौर सफाईकर्मी काम कर रही थी.
अब चुनाव जीतने के बाद उदोदस्काया मरिना 155 किलोमीटर क्षेत्र में फैले पोवालिका जिले की जिम्मेदारी संभालेंगी. रूस के पोवालिका में जिला प्रमुख के चुनाव में पुतिन की पार्टी की उम्मीदवार निकोलाई के खिलाफ कोई भी उम्मीदवार खड़ा नहीं हुआ.
चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता दिखाने के लिए निकोलाई ने अपने खिलाफ उसी दफ्तर में काम करने वाली महिला सफाई कर्मचारी मरिना को चुनाव में खड़ा कर दिया. निकोलाई को इसका जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसने जिसे खुद चुनाव में अपने खिलाफ खड़ा किया वो उसे हरा देगी.
जब चुनाव परिणाम आए तो सब हैरान रह गए. मरिना ने 62 फीसदी वोट हासिल कर पुतिन की पार्टी की उम्मीदवार निकोलाई को चुनाव में पटखनी दे दी. खास बात यह है कि मरिना ने किसी भी तरह का चुनाव प्रचार भी नहीं किया था. बीते पांच साल से निकोलाई के दफ्तर में काम करने वाली सफाईकर्मी मरिना अब उसी की कुर्सी संभालेंगी. मरिना अब इस पद की जिम्मेदारी समझते हुए काम की योजना भी बना रही हैं.