विश्व की बड़ी महाशक्तियों में से एक चीन में पिछले डेढ़ महीने से कोरोना वायरस का संकट छाया हुआ है. इस महामारी ने चीन को त्रस्त कर दिया है. पूरी दुनिया में 2200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है जबकि 76 हजार से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हो चुके हैं. क्या कोरोना चीन के खिलाफ एक जैविक हथियार है, इस पर चीन ने अब जवाब दिया है.
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दरअसल, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कोरोना वायरस शायद चीन के जैविक युद्ध
का एक भाग है और एक प्रयोगशाला से निकला जैविक हथियार है. अगर ऐसा है तो यह
चीन के खिलाफ एक बड़ी साजिश है. कुछ अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स ने भी
ऐसी ही कयासों के बारे में बात की हैं.
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इस पूरे मामले पर चीन के
विदेश मंत्रालय ने जवाब दिया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कंग
श्वांग ने कहा कि अभी तक सिर्फ ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि चीन के कई
शहरों में महामारी बन चुका नया कोरोना वायरस चीन के खिलाफ एक जैविक हथियार
है.
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उन्होंने कहा कि चीन को आशा है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय एक साथ
कोरोना वायरस का मुकाबला करने के साथ साजिश जैसे राजनीतिक वायरस
का भी विरोध करेगा.
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आईएनएस की एक रिपोर्ट के मुताबिक कंग श्वांग ने
कहा कि वर्तमान में चीनी जनता महामारी के मुकाबले की पूरी कोशिश कर रही है
और इस वक्त ऐसी सनसनीखेज बात करना बदनीयत और बेतुका है.
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प्रवक्ता कंग श्वांग ने साफ किया है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के जिम्मेदार अधिकारी ने फिलहाल बताया है कि कोई भी प्रमाण नहीं है कि नया कोरोना वायरस प्रयोगशाला से बना है या जैविक हथियार बनाने से पैदा हुआ है.
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उधर कोरोना वायरस की वजह से चीन में लगातार लोगों की जान जा रही है,
तो दूसरी तरफ चीन की इकोनॉमी भी तबाह हो रही है. हालांकि, चीन लगातार इस
वायरस को मात देकर उबरने की कोशिश में लगा है.
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चाइना रेडियो
इंटरनेशनल के मुताबिक चीन में महामारी की रोकथाम में सकारात्मक प्रगति
हासिल करने के साथ कारोबारों की बहाली को भी जोर शोर से बढ़ाया गया है.
जानकारी के मुताबिक अब तक चीन में लगभग 52 फीसदी कारोबार बहाल हो चुके हैं.
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उदाहरण के तौर पर नींगशा प्रदेश ने छोटे और मझोले कारोबारों की
बहाली को बढ़ाने के लिए 18 कदम उठाए हैं जिनमें कर कटौती, पानी, बिजली और
नेटवर्क शुल्क के भुगतान में स्थगन और अधिक वित्तीय सहायता जैसी बातें
शामिल हैं.
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उधर ल्याओनींग प्रांत ने प्रमुख कारोबारों को वित्तीय
गारंटी प्रदान की है और बैंकों ने भी इन कारोबारों के लिए त्वरित अनुमोदन
चैनल स्थापित किए हैं. इससे पहले चीन की सरकार ने भी बहाली तेज करने के लिए
कई आदेश दिए हैं.