कोरोना वायरस वैक्सीन तैयार करने को लेकर ब्रिटेन के दो वैज्ञानिकों के बीच टकराव सामने आया है. ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के दोनों वैज्ञानिक, कोरोना वायरस की वैक्सीन के ट्रायल की प्रक्रिया को लेकर एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं. बता दें कि ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन का तीसरे राउंड का ट्रायल चल रहा है.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोफेसर एड्रियन हिल और साराह गिलबर्ट के बीच विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ट्रायल के लिए लोगों को जानबूझकर कोरोना से संक्रमित किया जाए? प्रोफेसर एड्रियन हिल चाहते हैं कि स्वस्थ वॉलंटियर्स को वैक्सीन देने के बाद वायरस से संक्रमित किया जाए.
कोरोना वायरस की वैक्सीन का ट्रायल पूरी तरह सफल तभी माना जाएगा जब ये पता चल जाए कि वैक्सीन लगाने वाले ज्यादातर लोग कोरोना वायरस के संपर्क में आए तो वायरस उन्हें बीमार नहीं कर सका. वहीं, ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण के मामले घट रहे हैं और ऐसे में ट्रायल के सफल होने की संभावना कम होती दिख रही है.
इससे पहले ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की योजना थी कि जिन वॉलंटियर्स को वैक्सीन की खुराक दी जा रही है, उनमें से कुछ लोग खुद ही आने वाले समय में वायरस के संपर्क में आ सकते हैं. लेकिन अब प्रोफेसर एड्रियन हिल कुछ वॉलंटियर्स को कोरोना से संक्रमित करना चाहते हैं.
लेकिन डेली मेल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की साराह गिलबर्ट एड्रियन हिल से सहमत नहीं हैं. क्योंकि कोरोना से संक्रमित होने वाले युवाओं को भी खतरा बना हुआ है.
अगर वैज्ञानिक वॉलंटियर्स को खुद से कोरोना संक्रमित करते हैं तो वैक्सीन ट्रायल के नतीजे जल्दी आ सकते हैं. लेकिन यह तभी संभव होगा जब दोनों वैज्ञानिक सहमत हो जाएं और ट्रायल के प्रस्ताव को एनएचएस की एथिक्स कमेटी से मंजूरी मिल जाए. वहीं, आधिकारिक तौर पर दोनों ही वैज्ञानिकों ने ब्रिटिश अखबार को प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया.