महाराष्ट्र के बुलढाणा में 1 साल पहले एक मासूम के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था. गुरुवार को इस मामले में 2 आरोपियों को फांसी की सजा बुलढाणा की विशेष ज़िला व सत्र न्यायालय ने सुनाई. न्यायालय के निर्णय के बाद चिखली पुलिस स्टेशन के कर्मियों ने पूरे पुलिस स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया और पटाखे फोड़े.
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दरअसल, चिखली शहर में 26 अप्रैल 2019 की रात को 2 युवकों ने एक 9 साल की मासूम के साथ हैवानियत की घटना को अंजाम दिया. मासूम अपने माता-पिता के साथ सोई हुई थी तो उसे उठाकर दो युवकों ने शहर की सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया था.
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पीड़िता के पिता की शिकायत पर आरोपी सागर विश्वनाथ बोरकर और निखिल शिवाजी गोलाइत के खिलाफ रेप, पॉक्सो व एट्रोसिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था.
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इस जघन्य अपराध से पूरे जिले में गुस्से का माहौल था. चिखली शहर में नागरिकों ने आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए मोर्चे निकाले और एक दिन शहर भी बंद रखा गया था.
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इस दुष्कर्म के मामले में गुरुवार को हुई अंतिम सुनवाई में दोनों जालिमों को फांसी की सजा सुनाई गई है. न्यायालय के बाहर पुलिस का कड़ा बंदोबस्त लगाया गया था.
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इस घटना के बाद जिस महिलाकर्मी ने मासूम का मेडिकल करवाया उसने बताया कि पीड़ित मासूम के दो बड़े ऑपरेशन औरंगाबाद में किये गए. महिला पुलिसकर्मी ने कहा कि वह दुआ करती है कि ऐसा हादसा कभी किसी के साथ न हो.
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चिखली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर गुलाबराव बाघ ने बताया कि मासूम की मां का दिमागी संतुलन सही नहीं है. चिखली पुलिस के सभी कर्मियों ने इस पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की कोशिश की. न्यायालय द्वारा आरोपियों को फांसी की सजा सुनाए जाने की खुशी में चिखली पुलिस स्टेशन के कर्मियों ने पुलिस स्टेशन को दुल्हन की तरह सजाया और पटाखे फोड़े. माना जा रहा है कि भारत के इतिहास में यह पहला पुलिस स्टेशन होगा जो आरोपियों को सजा होने के बाद लाइटिंग से सजाया गया और पटाखे फोड़े गए.