नागरिकता संशोधन विधेयक यानी की CAA को लेकर बीते साल (2020) फरवरी महीने में दिल्ली में हो रहे विरोध-प्रदर्शन ने अचानक दंगे का रूप ले लिया था. उत्तर पूर्वी दिल्ली समेत कई इलाकों में इसके समर्थन और विरोध में लोग आमने सामने आ गए और हिंसा शुरू हो गई. हिंसा की आग में इन इलाकों के बेगुनाह लोग झुलसे और उनका आशियाना से लेकर कारोबार तक सबकुछ लुट गया. कई दिनों तक हुए इस दंगे में 53 लोगों की जान चली गई जबकि 200 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए. वहीं कई सौ करोड़ की संपत्तियां भी जलकर खाक हो गईं. अब दंगे के एक साल बाद इन इलाकों की क्या हालत है उसकी ये तस्वीरें गवाही दे रही हैं.
बीते साल उत्तर पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में सीएए के विरोध में हुए दंगे ने रिजवाना का सबकुछ छीन लिया था. दंगाइयों ने उनके घर को फूंक दिया था. लेकिन अब एक साल के बाद रिजवाना की जिंदगी पटरी पर लौट आई है. एक साल पहले और आज की ये तस्वीर इस बात की गवाही दे रही है कि रिजवाना अब उस भयावह और दर्दनाक घटना को भूलकर अपने जीवन में आगे बढ़ गई हैं. रिजवाना ने 23 फरवरी 2021 को अपनी नई सिलाई मशीन खरीदी और उसके साथ फोटोग्राफरों को पोज दे रही थीं. बीते साल 24 फरवरी को नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन और विरोध में दो गुटों में भिड़ंत हो गई थी जिसके बाद दिल्ली के कई इलाकों में दंगे हुए थे. (तस्वीर - PTI)
सीएए के विरोधियों और समर्थकों के बीच हुई हिंसा ने बीते साल फरवरी महीने में दिल्ली को अपनी चपेट में ले लिया था. इस दंगे ने खूजरीखास इलाके की एक मासूम की खुशियों को भी छीन ली थी. लेकिन अब एक साल बाद वही मासूम खुशी दंगे को बुरे सपने की तरह भूलकर फिर से खुशियों की किलकारी मार रही है. 23 फरवरी 2021 को खुशी अपनी नए ट्राई साइकिल पर बैठकर बेहद खुश नजर आई. दंगाइयों ने खुशी के घर को भी आगे के हवाले कर दिया था. (तस्वीर - PTI)
दिल्ली के शिव विहार का एक निजी स्कूल भी बीते सालों सीएए को लेकर हुए दंगे की भेंट चढ़ गया था. 26 फरवरी 2020 को दंगाइयों ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की थी और आग लगा दी थी. स्कूल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया था. लेकिन अब एक साल बाद यह स्कूल नए रंग रोगन के साथ एक बार फिर से आबाद हो गया है और छात्रों का स्वागत कर रहा है. (तस्वीर - PTI)
दिल्ली के शिव विहार इलाके में ही बीते साल 26 फरवरी को दंगे के दौरान असामाजिक तत्वों ने गाड़ियों के एक शोरूम को भी निशाना बनाया था और वहां रखीं सैकड़ों गाड़ियों को फूंक दिया था. अब एक साल बाद फिर से वो शोरूम पहले की तरह अपनी ग्राहकों की सेवा में काम शुरू कर चुका है और वहां पहले की तरह ही रौनक भी लौट आई है. (तस्वीर - PTI)
दंगाइयों ने शिव विहार इलाकों में ना सिर्फ गाड़ियों के शोरूम बल्कि दुकानों और लोगों के घरों पर भी हमला किया था और उसमें आग लगा दी थी. दंगे के ठीक एक साल बाद एक बार फिर से उन आशियानों में रौनक लौट आई है और दुकानें भी फिर से खुल गई हैं. (तस्वीर - PTI)
नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) को लेकर राजधानी दिल्ली में हुए दंगे का दंश सबसे ज्यादा उत्तर पूर्वी दिल्ली को ही झेलना पड़ा था. बाजारों से लेकर सड़कों तक को उपद्रवियों ने इस कदर नुकसान पहुंचाया था कि इन इलाकों की रौनक और खुशियां गायब हो गईं थी. अब एक साल बाद इस इलाके के लोग भी बीती बातों को भूल कर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि उन्हें फिर से ऐसा दिन कभी ना देखना पड़े. (तस्वीर - PTI)