अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिलाने के लिए नगर निगम जहां एक और करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है तो वहीं शहर में रहने वाले लोग आवारा पशुओं से भी सुरक्षित नहीं हैं. ऐसी ही एक घटना अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र के जीवनगढ़ में हुई जब 7 वर्षीय एक बच्ची घर से सामान लेने जा रही थी तो करीब 10 से 12 आवारा कुत्तों के झुंड ने बच्ची पर बुरी तरह हमला बोल दिया. (अलीगढ़ से शिवम सारस्वत की रिपोर्ट)
बच्ची उनसे बचने को भागी लेकिन कुत्तों की संख्या बढ़ती चली गई और कुत्तों ने बच्ची को जमीन पर गिरा लिया ओर घसीटने लगे जिसके बाद आसपास के लोगों ने जब देखा तो आवारा कुत्तों से बच्ची को बचाने के लिए दौड़ लगा दी.
किसी तरह बच्ची की जान बच सकी हालांकि बच्ची जख्मी हो गई लेकिन इससे स्मार्ट सिटी के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाले नगर निगम की पोल खुल गई है. बच्ची पर आवारा कुत्तों के हमले की घटना पास ही लगे सीसीटीवी में कैद हो गई.
सीसीटीवी में जो दृश्य दिखाई दे रहे हैं उसमें एक बच्ची जो सड़क पर जा रही है. जैसे ही वह एक गली के सामने से गुजरती है, आवारा कुत्तों का झुंड उसके ऊपर टूट पड़ता है. पहले 4- 5 कुत्ते उसके ऊपर टूटते हैं और फिर कुत्तों की संख्या बढ़ जाती है. कुत्ते बच्ची को घसीटते हुए सड़क के एक कोने से दूसरे कोने तक ले जाते हैं. बच्ची बचने की कोशिश भी बहुत करती है लेकिन कुत्तों की संख्या ज्यादा थी और बच्ची उनके बीच में फंस गई. जैसे ही आसपास के लोगों ने इस घटना को देखा उन्होंने तत्काल उस तरफ दौड़ लगा दी और बच्ची को बचाया.
दरअसल, अलीगढ़ के क्वारसी क्षेत्र के केला नगर की पत्थर वाली गली में रहने वाली 7 वर्षीय मोहम्मद कासिम की बेटी रेशमा सोमवार को अपने घर से कुछ सामान लेने के लिए दुकान पर जा रही थी. तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला बोल दिया. आसपास खड़े लोगों ने दौड़कर कुत्तों के झुंड से बच्ची को बचाया. इसके बाद उसे जिला अस्पताल लेकर गए जहां पर उसको प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया. पूरी की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई.
इस मामले पर जब नगर निगम के जीवनगढ़ क्षेत्र के पार्षद शाहिद अली से बात की गई तो उन्होंने माना कि उन्होंने कई बार आवारा कुत्तों के बारे में लिखकर नगर निगम को दिया है लेकिन नगर निगम की लापरवाही के चलते आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
आवारा कुत्तों की फौज द्वारा एक मासूम बच्ची को काटने की घटना की ख़बर को प्रमुखता से दिखाने पर आज तक कि ख़बर का असर हुआ. आवारा कुत्तों को जल्द पकड़ने के लिए अब स्थानीय पुलिस स्तर से रिपोर्ट बनाकर बनाकर नगर निगम व उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी जिससे कि ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न होने पाए.
पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे पुलिस के सब इंस्पेक्टर ने बताया कि जानकारी व नाम नोट करने के उपरांत घटना की रिपोर्ट बनाकर भेजी जाएगी. वहीं नगर निगम असहाय की तरह आम जनता से इन्हे पकड़ने में सहयोग मांग रहा है.
पीड़ित बच्ची के घर पहुंचे सब इंस्पेक्टर ने बताया कि 7 वर्षीय रेशमा बिहार निवासी बच्ची है जो माचिस लेने गयी थी. यहां वह अपने नाना के यहां रहती है. उसको आवारा कुत्तों ने काट लिया है. ज़िला अस्पताल में बच्ची का इलाज चल रहा है. बच्ची फिलहाल ठीक है. हम रिपोर्ट बनाकर नगर निगम को सूचना भेज देंगे.
सहायक नगर आयुक्त नगर निगम ने जानकारी देते हुए बताया केला नगर पत्थर वाली गली में एक बच्ची के साथ आवारा कुत्तों द्वारा हमला करने का प्रकरण संज्ञान में आया है. इस इलाके में नगर निगम के द्वारा एक विशेष अभियान आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाया जाता है लेकिन खासतौर पर इस इलाके में उस वक्त दिक्कतें आती है जब इस इलाके में नगर निगम की टीम आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए जाती है तो वहां पर रहने वाले लोगों को इन आवारा कुत्तों से सिंपैथी और लगाव रहता है और लोग इन कुत्तों का अपना बताते हैं जिसके चलते कई-कई बार नगर निगम की टीम के लोगों को इसका विरोध भी झेलना पड़ता है. इस घटना के बाद इलाके के लोगों से अपील की है कि गली-मोहल्ले के अंदर घूमने वाले इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने में नगर निगम की टीम का सहयोग जरूर करें.