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उधम सिंह नगर: नौकरी छिनी, तो मछली पालने लगा इंजीनियर...चल पड़ा बिजनेस

लॉकडाउन में छिनी नौकरी, तो मछली पालने लगा इंजीनियर...चल पड़ा बिजनेस
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कोरोना वायरस ने पूरी दुनिया को बदल कर रख दिया है. कोरोना काल में किसी के कारोबार पर गाज गिरी तो कई लोगों की नौकरियां ही चली गईं. उधम सिंह नगर में कोरोना की वजह से एक इंजीनियर की नौकरी चली गई और वो अपना पेट पालने के लिए मछुआरा बन गया. 

(इनपुट: रमेश चन्द्र)

तलाब में इंजीनियर ने पाली मछलियां (फोटो आजतक)
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सिडकुल के एक कारखाने में इंजीनियर के पद पर काम करने वाला एक युवक की कोरोना काल में नौकरी चली गई. लेकिन उसने इस मुश्किल समय में हिम्मत नहीं हारी और कृषि विज्ञान केंद्र काशीपुर के वैज्ञानिकों की मदद से उसने मछली पालने का काम शुरू किया. जिससे उसकी अच्छी खासी आमदानी होने लगी. पूरे जनपद में इस इंजीनियर के चर्चे हैं. कई बेरोजगारों के लिए प्रेरणा बन गया है यह युवक.

विपुल कुमार सागर (फोटो आजतक)
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विपुल के मुताबिक इस समय उसके तालाब में 9000 मछलियां हैं जो अच्छी तरीके से ग्रो कर रही हैं. वो मछलियों का पूरा ध्यान रख रहे हैं. उन्होंने अपने साथियों को भी स्वरोजगार अपनाने की अपील की है. विपुल का कहना अगर समझदारी के साथ कोई काम किया जाए उसमें तरक्की हो सकती है. 

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तलाब में इंजीनियर ने पाली मछलियां (फोटो आजतक)
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विपुल कुमार सागर ने रुड़की के एक इंजीनियरिंग कॉलेज से पढ़ाई की और रुद्रपुर सिडकुल की एक ऑटोमोबाइल कंपनी में इंजीनियर के पद पर काम करने लगे. देश में फैली कोरोना वैश्विक महामारी के चलते लॉकडाउन हो गया और इनकी नौकरी चली गई. किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले इंजीनियर खेती में भी अपने पिता का हाथ भी बंटा रहे हैं. 

तलाब में इंजीनियर ने पाली मछलियां (फोटो आजतक)
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कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर जितेंद्र क्वात्रा का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से 25 से 30 युवा अबतक ऐसे आ चुके हैं, जो प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत अपना काम शुरू करना चाहते हैं. इन युवाओं की उम्र 20 से 32 साल की है. 

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