केंद्र सरकार के कृषि कानून के खिलाफ सड़कों पर बैठे किसानों को आखिरकार गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर रैली करने की इजाजत दिल्ली पुलिस ने दे दी है. इस ट्रैक्टर रैली का आयोजन मंगलवार को गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच किया जाएगा. किसानों को सिंघु बॉर्डर पर 62 किलोमीटर, टिकरी बॉर्डर पर 63 किलोमीटर, और गाजीपुर बॉर्डर पर 46 किलोमीटर ट्रैक्टर परेड निकालने की हरी झंडी दिल्ली पुलिस ने दी है.
ट्रैक्टर रैली को लेकर दिल्ली पुलिस ने रविवार को दावा किया था कि गणतंत्र दिवस पर किसानों के विरोध में प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली को बाधित करने के लिए पाकिस्तान से 300 से अधिक ट्विटर हैंडल बनाए गए हैं. ट्रैक्टर रैली की जानकारी देते हुए दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (खुफिया) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के समापन के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच रैली का आयोजन किया जाएगा.
किसानों की ट्रैक्टर रैली के लिए उन्हें तीन रूटों पर 170 किलोमीटर तक चलने की इजाजत मिली है. इस फैसले को लेकर पाठक ने कहा, जैसा कि किसान 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली करना चाहते थे, हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि रैली गणतंत्र दिवस समारोह के समाप्त होने के बाद आयोजित की जाएगी. उन्हें तीन मार्गों पर कुल 170 किलोमीटर तक की दूरी तय करने की इजाजत दी गई है.
ट्रैक्टर रैली में किसी भी तरह के हथियार यहां तक कि लाठी डंडे की भी इजाजत नहीं दी गई है. आक्रामक स्लोगन वाले बैनर भी बैन हैं. किसानों की रैली पर आसमान से नजर रखी जाएगी. ड्रोन का इस्तेमाल होगा. ट्रैक्टर परेड के लिए जोरदार तैयारी की गई है जिसके लिए किसानों का जत्था पंजाब से दिल्ली पहुंच रहा है.
पुलिस ने बताया कि इस दौरान बैरिकेड्स और अन्य सुरक्षा व्यवस्था को हटा दिया जाएगा और किसान राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करेंगे. बाद में, वो "सम्मानजनक" दूरी को कवर करने के बाद अपने धरना स्थल पर लौट जाएंगे. पुलिस ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में किसान ट्रैक्टर रैली में 100 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे. पुलिस से इजाजत मिलने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने आश्वासन दिया कि वे रैली के बाद अपने-अपने स्थानों पर वापस चले जाएंगे.
अब तक, दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर लगभग 12,000 से 13,000 ट्रैक्टर मौजूद हैं. टीकरी में 7,000 से 8,000, सिंघु में लगभग 5,000 और गाजीपुर सीमा पर लगभग 1,000 ट्रैक्टर अभी हैं. पुलिस के मुताबिक रैली में ट्रैक्टरों की संख्या काफी बढ़ सकती है.
रैली की इजाजत देने से पहले पुलिस ने किसान नेताओं को राष्ट्रीय राजधानी के बाहर अपनी ट्रैक्टर परेड आयोजित करने के लिए मनाने की कोशिश की, क्योंकि किसान दिल्ली के व्यस्त आउटर रिंग रोड पर रैली करना चाहते थे. बता दें कि पिछले साल नवंबर के बाद से, पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर किसान, सिंघु, टिकरी और गाजीपुर सहित दिल्ली की सीमाओं पर केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं. किसान इन कानून को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.