अमेरिका के यलोस्टोन नेशनल पार्क में पहली बार दुनिया के दुर्लभ जीवों में से एक वॉल्वरिन दिखाई दिया है. इस वॉल्वरिन को पार्क में लगे एक कैमरे ने रिकॉर्ड किया. यह वॉल्वरिन पार्क के मैमथ हॉट स्प्रिंग्स इलाके में घूमता नजर आया. जीव विज्ञानियों का मानना है कि ऐसा लग रहा है कि अब इस तरह के दुर्लभ जीव यलोस्टोन नेशनल पार्क में वापस आने लगे हैं. (फोटोःगेटी)
आपको बता दें कि यलोस्टोन नेशनल पार्क (Yellowstone National Park) में स्थित मैमथ हॉट स्प्रिंग्स व्योमिंग और इडाहो के बीच में स्थित है. वॉल्वरिन (Wolverine) एक मध्यम आकार का मांसाहारी जीव होता है. आमतौर पर यह ऊंचाई वाले अल्पाइन के पहाड़ों पर स्थित जंगलों में रहता है. (फोटोःगेटी)
ये कभी ज्यादा आबादी में एकसाथ नहीं रहते. इनके परिवार के सदस्य भी छितराए हुए रहते हैं. इसलिए जल्दी नजर नहीं आते. जब एक वॉल्वरिन (Wolverine) यलोस्टोन नेशनल पार्क (Yellowstone National Park) के कैमरे में कैद हुआ था जीव विज्ञानियों की खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा. (फोटोःगेटी)
साल 2006 से 2009 के बीच यलोस्टोन नेशनल पार्क और इसके आसपास के इलाकों में सिर्फ सात वॉल्वरिन (Wolverine) देखे गए थे. इसके बाद साल 2014 में पार्क के बायोलॉजिस्ट इनकी आबादी जानने के लिए रिमोट कैमरे का उपयोग कर रहे हैं. इन कैमरों की मदद अन्य जीवों की गतिविधियां भी पता चलती हैं. (फोटोःगेटी)
साल 2014 में लगाए गए कैमरे में से एक कैमरे ने हाल ही में वॉल्वरिन (Wolverine) का फुटेज बनाया. रात में बने इस फुटेज में सफेद बर्फ से घिरे जंगल के बीच में एक काले रंग का वॉल्वरिन (Wolverine) चलता दिखाई दे रहा है. नेशनल पार्क सर्विसेज के मुताबिक वॉल्वरिन साल भर एक्टिव रहते हैं. सर्दियों में इनकी गितविधियां और बढ़ जाती हैं. (फोटोःगेटी)
सर्दियों में खाने की तलाश थोड़ी मुश्किल होती है इसलिए ये अपने भोजन को खोजने का दायरा बढ़ा देते हैं. वॉल्वरिन (Wolverine) की प्रजनन दर बेहद कम है. क्लाइमेट चेंज के असर और शिकार की वजह से ऐसा आशंका जताई जा रही है कि ये जीव साल 2050 तक सीमित मात्रा में ही बचेंगे. (फोटोःगेटी)
ज्यादातर वॉल्वरिन (Wolverine) दक्षिणी रॉकी माउंटेंस, सियेरा नेवादा रेंज और ग्रेटर यलोस्टोन और उसके आसपास ही दिखाई देते हैं. ऐसा माना जाता है कि अमेरिका में अब 300 से 1000 वॉल्वरिन (Wolverine) ही बचे हुए हैं. इनकी आबादी की गणना सही से नहीं हो पाती इसलिए इनकी जनसंख्या के बीच में काफी अंतर दिखाई देता है. (फोटोःगेटी)