अफगानिस्तान पर आतंकी संगठन तालिबान के कब्जे के बाद से ही वहां हालात बेहद खराब हैं और काबुल एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल है. लोग बस किसी तरह अफगानिस्तान छोड़ देना चाहते हैं ताकि वो तालिबानियों के जुल्म से बच सकें. काबुल एयरपोर्ट पर हजारों की संख्या में ऐसी महिलाएं फ्लाइट के इंतजार में बैठी हैं जो अफगानिस्तान छोड़कर कहीं भी जाने को तैयार हैं ताकि वो अपनी इज्जत और जान बचा पाएं. (तस्वीर - Hawa, Hafizah और Aaina)
ऐसे में काबुल हवाईअड्डे के बाहर भीड़ में फंसी पांच बहनों ने अपनी कहानी बताई कि कैसे तालिबान ने उनके घर को जला दिया और अफगानिस्तान से भागने के प्रयास में वो असफल होने के बाद हताश हैं. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक ये पांच बहनें हजारा समुदाय की हैं जो हिंदू कुश पहाड़ों के बीच मध्य अफगानिस्तान में हजराजत में रहने वाला एक शांतिपूर्ण शिया समूह है. इनका आरोप है कि तालिबान लंबे समय से इस समुदाय और खासकर महिलाओं का उत्पीड़न कर रहे हैं. (तस्वीर - Getty)
हाई स्कूल में पढ़ने वाली 19 साल की छात्रा आईना शेख ने कहा कि वह अपनी चार बहनों और भाई के साथ हवाई अड्डे पर कई दिनों तक बैठी थी. उसने कहा, 'हम अमेरिका जाना चाहते हैं, हम यहां सुरक्षित नहीं रह सकते. (तस्वीर - Hawa, Hafizah और Aaina)
उन युवतियों और उनके भाई, किसी के पास भी पासपोर्ट नहीं है. वीजा के दस्तावेज भी आधे-अधूरे हैं जिस वजह से उन्हें यात्रा करने की अनुमति नहीं मिल रही है लेकिन उन्हें देश छोड़ने के लिए किसी चमत्कार की उम्मीद अभी भी है. छात्रा आईना ने कहा, 'पिछले हफ्ते तक हम अपने घर में खुशी-खुशी रह रहे थे और फिर तालिबान ने आकर उसे जला दिया. (तस्वीर - Getty)
उसने कहा, 'हमारे माता-पिता ने हमें जाने के लिए कहा क्योंकि उन्हें हमारे जीवन के खत्म होने का डर था.' हाल के दिनों में तालिबान द्वारा महिलाओं और लड़कियों को अपनी 'पत्नियां या फिर सेक्स स्लेव बनाने की अनगिनत खबरें आई हैं. (तस्वीर - Hawa, Hafizah और Aaina)
तालिबानियों के आतंक से बचने के लिए ये पांच बहने काबुल हवाई अड्डे पहुंचने के लिए 150 मील (240 किमी) की यात्रा की और जब देश नहीं छोड़ सकी तो वहीं फुटपाथ पर सो रही हैं. इनका 25 साल का भाई नादेर और एक सेल्समैन उनकी रक्षा करने की कोशिश कर रहे हैं. (तस्वीर - Getty)
छह भाई-बहनों में दूसरी सबसे छोटी आईना ने कहा, 'हमारे पास कुछ पैसे हैं जो हम खर्च कर रहे हैं, मुझे नहीं पता कि यह कब तक चलेगा. 'हम तालिबान के आतंक को याद करने के लिए बहुत छोटे हैं, लेकिन हमारे माता-पिता ने हमें बताया है कि कैसे उन्होंने अतीत में हजारा समुदाय के हजारों लोगों को मार डाला.' (तस्वीर - Hawa, Hafizah और Aaina)
आइना की 23 वर्षीय बहन हाफिजाह काबुल के एक पॉलिटेक्निक में कंप्यूटर विज्ञान की पढ़ाई कर रही थी, जबकि उसकी अन्य बहनें, हवा और लतीफा (जुड़वां) और 18 साल की मरजान भी छात्र हैं. अब अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा अफगानिस्तान से मुंह मोड़ने के बाद वह स्थिति तेजी से बदल रही है और हर तरफ अफरातफरी और अराजकता का माहौल है. (तस्वीर - Getty)