कोरोना वायरस को लेकर चेन्नई से एक अच्छी खबर सामने आई है. बीते 10 महीनों में ऐसा पहली बार हुआ है जब चेन्नई में इस महीने कोरोना से एक भी मौत का मामला सामने नहीं आया है. यह आकंड़ा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तमिलनाडु में राज्य स्तर पर रविवार को कोरोना वायरस के 569 नए मामलों की पुष्टि हुई है.
खबरों के मुताबिक, चेन्नई में 25 मार्च को कोरोना की वजह से पहली मौत हुई थी और तब से अब तक हर दिन बीमारी के कारण कम से कम एक मौत की सूचना मिल रही थी. चेन्नई में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा तमिलनाडु में इस महामारी से होने वाली कुल मौतों का लगभग 33 फीसदी है. राजधानी चेन्नई में अब तक 4,085 लोगों की मौत कोरोना से हो चुकी है जबकि पूरे तमिलनाडु में अब तक कुल 12,316 लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस से हुई है.
रविवार को चेन्नई में जहां कोरोना से एक भी मौत नहीं होने की पुष्टि हुई है, वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में रविवार को COVID-19 के कारण सात मौतों की पुष्टि हुई है. रविवार को जिन दो लोगों की मौत की सूचना मिली, वो कोयंबटूर जिले के थे, जबकि चेंगलपट्टू, थिरुवल्लूर, कांचीपुरम, तिरुप्पुर और मदुरै जिलों में इस वायरस की वजह से रविवार को एक-एक मौत की सूचना मिली है.
कोरोना वायरस के कारण तमिलनाडु की मृत्यु दर पिछले तीन महीनों से 1.5% है. रविवार को जिन लोगों की मौत की सूचना मिली थी. जिन सात लोगों की रविवार को मौत हुई है, उसमें से तीन व्यक्तियों की मौत निजी क्लीनिक में हुई है जबकि चार व्यक्तियों की मौत सरकारी अस्पताल में हुई है.
रविवार को तमिलनाडु में कोरोना वायरस के कुल 4,904 लोगों का इलाज किया जा रहा है, जिनमें चेन्नई के 1,693 मरीज हैं. कोयंबटूर संक्रमित मरीजों के मामले में दूसरे नंबर पर है और यहां 478 सक्रिय मामलों की पुष्टि हुई है. चेंगलपट्टू में 392 मरीज कोरोना संक्रमित हैं. इरोड, मदुरै, सलेम, तंजावुर, थिरुवल्लूर, तिरुप्पुर, त्रिची और वेल्लोर जिलों में भी सौ से अधिक व्यक्तियों का इलाज चल रहा है.