फ्रांस में कुछ दिन पहले हुए कार्टून विवाद के बाद पेरिस और नीस जैसे शहरों में आतंकी हमले हो चुके हैं. इसके अलावा हाल ही में ऑस्ट्रिया में भी आतंकी हमला सामने आया है. अब जवाबी कार्रवाई करते हुए फ्रांस सरकार ने आतंकी संगठन अलकायदा पर हमला बोला है और पचास से अधिक आतंकी मार गिराए हैं.
इस हमले के बाद से ही फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली सुर्खियों में हैं. पार्ली ने बताया है कि फ्रांसीसी सेना ने माली में 30 अक्टूबर को एयरस्ट्राइक की थी. फ्रांस सेना द्वारा इस्तेमाल किए गए मिराट जेट और ड्रोन्स की मदद से काफी हथियारों को नुकसान भी पहुंचा है और 4 आतंकियों को भी पकड़ा गया है.
फ्लोरेंस पार्ली इससे पहले सितंबर महीने में भी काफी सुर्खियों में थीं जब वे भारत आई थीं और उन्होंने राफेल विमानों के इंडक्शन समारोह के दौरान हुई सर्वधर्म पूजा में हिस्सा लिया था. फ्लोरेंस पार्ली को भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक दोस्ती को चिह्नित करने के लिए इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए निमंत्रण भेजा गया था.
10 सितंबर को पांच राफेल लड़ाकू विमान औपचारिक तौर पर भारत में शामिल हो गए थे. वायुसेना की प्रक्रिया के तहत सभी धर्मों के गुरुओं ने अंबाला एयरबेस पर पूजा की थी और विधिवत रूप से राफेल को शामिल किया गया था.
इस पूजा के समय हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरुओं ने शांति की दुआ मांगी थी और देश के जवानों की सलामती के लिए प्रार्थना की थी और इस दौरान फ्लोरेंस पार्ली और राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. इस भव्य पूजा के बाद राफेल लड़ाकू विमानों ने अंबाला के आसमान में उड़ान भरी और अपना जौहर दिखाया था. इसके अलावा लैंडिंग के बाद वॉटर कैनन सैल्यूट भी दिया गया था.
फ्लोरेंस पार्ली ने राफेल सौदे को भारत-फ्रांस के लिए उपलब्धि बताया था और उन्होंने इसे भारत और फ्रांस के बीच रक्षा संबंधों को लेकर एक नया अध्याय कहा था. उन्होंने ये भी कहा था कि फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएन सिक्योरिटी काउंसिल) में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करता है.
फ्लोरेंस ने ये भी कहा था कि वे मेक इन इंडिया को लेकर प्रतिबद्ध हैं और फ्रांस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएन सिक्योरिटी काउंसिल) में भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करता है.