scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक

28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक
  • 1/5
ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में खुशियों की लहर छाई हुई है. चिड़ियाघर की शेरनी परी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. चिड़ियाघर के प्रंबधकों के मुताबिक, इस चिड़ियाघर में 28 साल बाद शेर के शावकों ने जन्म लिया है. शेरनी परी और तीनों शावक स्वस्थ्य बताये जा रहे हैं.
28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक
  • 2/5
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार रात 3 बजे तीनों शावकों का जन्म हुआ. खास बात यह है कि मादा शेर परी और नर शेर जय के जोड़े ने पहली बार शावकों को जन्म दिया है. इसलिए चिड़ियाघर प्रबंधन शावकों और मादा को लेकर विशेष सावधानी बरत रहा है.
28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक
  • 3/5
उल्लेखनीय है कि, वर्ष 2012 गांधी प्राणी उद्यान में नर शेर जय और मादा शेर परी को रायपुर के नंदनवन चिड़ियाघर से लाया गया था. निगम आयुक्त संदीप माकिन का कहना है कि गांधी प्राणी उद्यान में बब्बर शेर के परिवार में अंतिम बार वृद्धि वर्ष 1992 में हुई थी. उसके बाद से लगभग 28 साल बाद ये खुशी को पल आया है.
Advertisement
28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक
  • 4/5
उनका कहना है कि चिड़ियाघर प्रभारी डॉक्टर उपेन्द्र सिंह यादव, क्यूरेटर गौरव परिहार, जू कीपर लियाकत खां और एनीमल कीपर अशोक की उचित देखरेख में मादा शेर ने शावकों को जन्म दिया है. मादा शेर को खाने के रूप में हल्का खाना जैसे चिकन सूप, दूध, उबले हुऐ अंडे आदि दिए जा रहे हैं.
28 साल बाद इस चिड़ियाघर में छाईं खुशियां, शेर के परिवार में जन्मे शावक
  • 5/5
वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए चिड़ियाघर प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि तीनों शावकों के स्वास्थ्य पर विशेष निगरानी रखें. साथ ही तीस से चालीस दिन तक आइसोलेशन में रखा जाए, क्योंकि नवजात में संक्रमण की प्रबल संभावनाएं रहती हैं. इसे देखते हुए स्वास्थ्य संबधी समस्त प्रोटोकोल का पालन केन्द्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की निर्धारित गाइड लाइन के अनुसार किया जाएगा.


Advertisement
Advertisement