जानकारी के मुताबिक, इसरो जासूसी मामले में दो वैज्ञानिकों और दो मालदीवियन महिलाओं के साथ-साथ चार और लोगों पर दुश्मन देशों को काउंटी के क्रायोजेनिक इंजन प्रौद्योगिकी के कुछ सीक्रेट और गोपनीय दस्तावेजों को देने का आरोप था. इसको लेकर साल 1994 में नंबी नारायणन पर भी आरोप लगा था कि उन्होंने दो मालदीव की महिला खुफिया अधिकारियों को कथित रक्षा विभाग से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक की है. बाद में, नारायण को इस मामले में गिरफ्तार भी किया था.