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20 साल पहले हिमाचल से न्यूजीलैंड गया था ये युवक, अब वहां चुनाव जीत कर बना सांसद

चुनाव जीत कर बने सांसद
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भारतीयों को पूरी दुनिया में अपना नाम बनाने और हर क्षेत्र में खुद को स्थापित करने के लिए जाना जाता है. दुनिया का शायद ही ऐसा कोई हिस्सा होगा जहां भारतीय ने अपनी सफलता का झंड़ा नहीं गाड़ा है. दवा से लेकर तकनीक तक और राजनीति से लेकर कला तक में हमारे देश के लोगों ने नाम कमाया है.

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ऐसे ही एक शख्स हैं डॉक्टर गौरव शर्मा जिन्हें अब न्यूजीलैंड की संसद के सदस्य के रूप में चुना गया है. वो हैमिल्टन में जनरल प्रैक्टिशनर के रूप में काम कर रहे थे. गौरव शर्मा हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के निवासी हैं. उन्होंने हैमिल्टन वेस्ट से लेबर पार्टी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता है. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने रविवार को 33 वर्षीय गौरव शर्मा को उनकी जीत पर बधाई दी और कहा कि राज्य के लोगों को डॉक्टर पर गर्व है. ठाकुर ने कहा, "डॉ गौरव, जो हमीरपुर के गलोड़ के हैं, ने राज्य और देश के लिए नाम कमाया है और हिमाचल प्रदेश के लोग इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं."

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गौरव शर्मा नौवीं कक्षा में थे जब वह अपने पिता और मां के साथ न्यूजीलैंड चले गए. शर्मा के पिता, जो हिमाचल प्रदेश के बिजली बोर्ड में एक कार्यकारी इंजीनियर के रूप में काम करते थे. उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया था और न्यूजीलैंड में जाकर बस गए. न्यूजीलैंड में शुरुआती वर्षों के दौरान, शर्मा के परिवार को बहुत संघर्ष का सामना करना पड़ा. उनके पिता ने आखिरकार छह साल बाद नौकरी छोड़ दी. दिक्कतों के कारण, परिवार को कुछ समय के लिए बेघर भी रहना पड़ा. रिपोर्ट के मुताबिक शर्मा परिवार ने पार्कों में बेंचों पर रातें बिताई थीं.

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गौरव शर्मा ने द यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड मेडिकल स्कूल में बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड सर्जरी का अध्ययन किया और बाद में वाशिंगटन डीसी के जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की, जहां वे फुलब्राइट स्कॉलर थे.

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गौरव शर्मा विभिन्न स्तरों पर लेबर पार्टी में शामिल रहे हैं. 2014 में एक जमीनी स्तर के कार्यकर्ता होने से लेकर हाल ही में हैमिल्टन वेस्ट इलेक्टोरेट के अध्यक्ष और लेबर रीजनल 2 काउंसिल (LRC) के उपाध्यक्ष बने. उन्होंने अपनी भूमिकाओं के अनुसार न केवल अहम रोल निभाया, बल्कि पार्टी की नीति परिषद और साथ ही बहुसांस्कृतिक क्षेत्र की नीति समिति के नीति निर्माण में भी लेबर पार्टी के साथ काम किया.
 

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