अगर थ्वायटेस (Thwaites) ग्लेशियर साल 2100 तक पूरा पिघल गया तो 12 विकासशील देशों की करीब 9 करोड़ आबादी को रहने के लिए नई जगह तलाशनी होगी. इतने बड़े पैमाने पर लोगों का विस्थापन दुनियाभर के देश बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे. कई देशों की आर्थिक स्थिति बिगड़ जाएगी. (सभी फोटोः NASA/James Yungel, NASA/ Brooke Medley, NASA / Jim Yungel, US Embassy Santiago, Chile)