लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीनी सैनिकों के बीच तनाव कम करने के लिए दोनों सेनाओं के वरिष्ठ कमांडर पूर्वी लद्दाख के दौलत बेग ओल्डी में बैठक कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक दौलत बेग ओल्डी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच प्रमुख सामान्य-स्तरीय वार्ता चल रही है.
यह कॉर्प कमांडर स्तर की मीटिंग पांच दौर की बैठकों के बाद आयोजित की गई है. दोनों सेनाओं के बीच यह बातचीत मई के मध्य में गतिरोध शुरू होने के बात से ही हो रही है.
3 माउंटेन डिवीजन के कमांडिंग मेजर जनरल अभिजीत बापट भारत के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. इस वार्ता का मुख्य एजेंडा डेपसांग के मैदानों की स्थिति का आकलन करना है. बीते दिनों यहां चीनी सैनिकों की भीड़ देखी गई थी. डेपसांग के दूसरी तरफ करीब 15,000 से अधिक चीनी सैनिक देखे गए थे.
अधिकारियों का कहना है कि लद्दाख के उत्तर में डेपसांग का सामरिक महत्व है जो चीनी सैनिकों के लिए परेशानी है. 2013 और 2014 में यहां दो बार गंभीर गतिरोध उत्पन्न हो चुका है.
बैठक के दौरान भारत के अपने क्षेत्र में गश्त के मुद्दे को उठाने की भी संभावना है जिसे चीनी सेना ने रोकने की कोशिश की है. चीनी सेना ने डेपसांग के विपरीत सैनिकों की भारी उपस्थिति के साथ-साथ टैंक, तोपखाने की तैनाती की है. तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना ने भी इस इलाके में अपनी तैनाती बढ़ा दी है.
इस क्षेत्र में 16,000 फीट की ऊंचाई पर किसी एक खास जगह को लेकर विवाद है. बैठक में इस विवाद को प्रमुखता से उठाया जा सकता है. अब तक की सैन्य वार्ता पैंगोंग झील के साथ-साथ चार पेट्रोलिंग पॉइंट्स 14, 15 और 17A को लेकर जो विवाद था उसपर केंद्रित था. बता दे कि पैंगोंग झील पर गतिरोध बना हुआ है क्योंकि चीन झील के फिंगर 5 और 8 के बीच किलेबंदी कर रहा है.