दरअसल, विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी है. मंत्रालय
ने बताया है कि भारत, उत्तर कोरिया में मेडिकल सामग्री की कमी और वहां के
हालात के प्रति संवेदनशील है और उसने टीबी की दवा के रूप में 10 लाख डॉलर
की मानवीय सहायता प्रदान करने का फैसला लिया.