scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

भारत की सबसे घातक मिसाइल का बंगाल की खाड़ी में सफल परीक्षण, पलक झपकते दुश्मन होगा ढेर

India Test Fired BrahMos Missile
  • 1/7

भारत ने अपनी सबसे खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में सफल परीक्षण किया है. ऐसी खबरें आ रही है कि इस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल को INS रणविजय से लॉन्च किया गया है. इसके पहले हुए तीन मिसाइल परीक्षण जमीन से जमीन पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल के थे. 

India Test Fired BrahMos Missile
  • 2/7

स्पुतनिक वेबसाइट ने खबर दी है कि ये मिसाइल नौसैनिक जहाज आईएनएस रणविजय से दागी गई और अंडमान-निकोबार द्वीप एक अन्य वीरान द्वीप पर लगाए गए टारगेट को ध्वस्त कर दिया. चीन से करीब 8-9 महीने से सीमा विवाद और तनातनी के बीच पिछले कुछ दिनों में भारत ने कई मिसाइलों, टॉरपीडो, एंटी-मिसाइल सिस्टम आदि का सफल परीक्षण किया है. आज हुए परीक्षण का मकसद था मिसाइल की रेंज को बढ़ाना. जमीन से जमीन पर मार करने वाली इस मिसाइल की रेंज को बढ़ाकर 400 किलोमीटर किया गया है. (फोटोः पीटीआई)

India Test Fired BrahMos Missile
  • 3/7

ब्रह्मोस मिसाइल 28 फीट लंबी है. यह 3000 किलोग्राम वजन की है. इसमें 200 किलोग्राम के पारंपरिक और परमाणु हथियार लगाए जा सकते हैं. यह 300 किलोमीटर से 800 किलोमीटर तक की दूरी पर बैठे दुश्मन पर अचूक निशाना लगाती है. इसकी गति इसे सबसे ज्यादा घातक बनाती है. यह 4300 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हमला करती है. यानी 1.20 किलोमीटर प्रति सेकेंड. इसके छूटने के बाद दुश्मन को बचने का या हमला करने का मौका नहीं मिलता. (फोटोः पीटीआई)

Advertisement
India Test Fired BrahMos Missile
  • 4/7

आपको बता दें कि हाल ही में एक खबर आई थी, जिसमें कहा गया था कि वियतनाम भारत की सबसे खतरनाक मिसाइल खरीदना चाहता है. इसके लिए अब तक बाधा थी रूस की सहमति, क्योंकि इस मिसाइल को रूस और भारत ने मिलकर बनाया है. लेकिन अब रूस ने इस मिसाइल के निर्यात की अनुमति दे दी है. अब भारत की ये शानदार मिसाइल वियतनाम में तैनात हो सकेगी. इससे दक्षिण चीन सागर में चीन को थो़ड़ा संभलकर रहना होगा. (फोटोः पीटीआई)

India Test Fired BrahMos Missile
  • 5/7

ब्रह्मोस के निर्यात की अनुमति ऐसे समय मिली है, जब चीन के पड़ोसी देश वियतनाम ने भारत से यह मिसाइल खरीदने की इच्छा जताई है. वियतनाम भारत से ब्रह्मोस और आकाश एयर डिफेंस मिसाइलें लेना चाहता है. अगर डील हुई तो वियतनाम ये दोनों मिसाइलें अपने देश की सुरक्षा के लिए तैनात कर देगा. इससे चीन का खौफ दक्षिण चीन सागर और उसके आसपास के इलाके में कम होगा. साथ ही वियतनाम के साथ भारत का संबंध और मजबूत होगा. (फोटोः डीआरडीओ)

India Test Fired BrahMos Missile
  • 6/7

अगर यह डील होती है तो भारत को अगले पांच साल में 5 अरब डॉलर का निर्यात करना होगा. ब्रह्मोस के एक अधिकारी ने मॉस्को में बताया था कि अनुमति देने का कदम भारत और रूस के सामरिक रिश्तों और रक्षा सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. साल 2018 में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा था कि दुनिया के कई देश भारतीय मिसाइल खरीदने के इच्छुक हैं. कई देशों ने भारतीय मिसाइलों में अपनी रुचि दिखाई है. इनमें से वियतनाम भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदना चाहता है. (फोटोः डीआरडीओ)

India Test Fired BrahMos Missile
  • 7/7

चीन से परेशान तटीय देशों ने करीब एक दशक पहले ही भारत से आग्रह किया था कि वह उन्हें ब्रह्मोस मिसाइल दे. हालांकि चीन ने भारत के पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार आदि को कई तरह के संवेदनशील हथियारों का निर्यात कर भारत की सुरक्षा पर आंच डाली है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. 

Advertisement
Advertisement