इस उपलब्धि को लेकर आईआईएससी, मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर आलोक कुमार ने कहा, "यह वास्तव में रोमांचक है, क्योंकि यह दो अलग-अलग क्षेत्रों जीव विज्ञान और मैकेनिकल इंजीनियरिंग को एक साथ लाता है," उन्होंने कहा अंतरिक्ष की खोज में पिछली शताब्दी में तेजी आई है.