भारतीय नौसेना में शामिल हो चुकी है देश की सबसे घातक, आक्रामक, सटीक और 'अदृश्य' पनडुब्बी आईएनएस करंज (INS Karanj). घातक इसलिए क्योंकि ये दुश्मन के सबसे नजदीक जाकर हमला कर सकती है. आक्रामक इसलिए क्योंकि ये आकार में छोटी है तो समुद्र के मैन्यूवरिंग आसान है. सटीक इसलिए क्योंकि ये दुश्मन के पास जाकर ज्यादा से ज्यादा जासूसी कर सकती है. 'अदृश्य' इसलिए क्योंकि आकार में छोटी होने की वजह से दुश्मन को इसे लोकेट करने में दिक्कत आएगी. सबसे खास बात ये कि ये दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाजों के लिए समंदर में बारूदी खान बिछाने की एक्सपर्ट है. (फोटोःपीटीआई)
आईएनएस करंज (INS Karanj) 10 मार्च 2021 यानी आज भारतीय नौसेना (Indian Navy) में शामिल की गई है. मुंबई के नेवल डॉकयार्ड में इसे आधिकारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. यह पूरी तरह से स्वदेशी पनडुब्बी है. इसमें डीजल इलेक्ट्रिक इंजन लगा है. यह परमाणु पनडुब्बियों की तुलना में आकार में छोटी है. इसलिए इसकी आक्रामकता, सटीकता और लोकेट न होने की क्षमता बढ़ जाती है. (फोटोःपीटीआई)
इसकी लंबाई 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट है. जब यह सतह पर होती है तब इसका वजन 1615 टन होता है. लेकिन जब यह पानी के अंदर होती है तब इसका वजन 1775 टन होता है. सतह के ऊपर इसकी गति 20 किलोमीटर प्रतिघंटा है. पानी के अंदर इसकी गति 37 किलोमीटर प्रति घंटा होगी. (फोटोः राकेश सालस्कर)
Scorpene-class submarine INS Karanj commissioned into Indian Navy in Mumbai, in presence of Chief of Naval Staff Admiral Karambir Singh and Admiral (Retired) VS Shekhawat pic.twitter.com/8Sk520fhzR
— ANI (@ANI) March 10, 2021
सतह पर इसकी रेंज 12 हजार किलोमीटर है. जबकि पानी के अंदर 1020 किलोमीटर है. यह 50 दिनों तक पानी के अंदर रह सकती है. आईएनएस करंज (INS Karanj) कलवारी क्लास (Kalvari Class) की तीसरी पनडुब्बी है. इसमें भारतीय नौसेना के 8 अधिकारी और 35 नाविक रह सकते हैं. (फोटोः राकेश सालस्कर)
आईएनएस करंज (INS Karanj) पानी के अंदर 350 मीटर यानी 1150 फीट की गहराई तक जा सकता है. इस पनडुब्बी में 6x533 मिलीमीटर (21 इंच) के टॉरपीडो ट्यूब्स हैं. यानी इसमें 18 टॉरपीडो तैनात किए जा सकते हैं. यानी यह एक-एक टॉरपीडो से दुश्मन के 18 जहाज या पनडुब्बियों को मार गिरा सकता है. (फोटोःगेटी)
आईएनएस करंज (INS Karanj) की सबसे खासबात ये है कि ये दुश्मन के युद्धपोतों और पनडुब्बियों को नष्ट करने के लिए समंदर में बारूदी सुंरगें बिछा सकता है. यानी समंदर में छिपे हुए बम लगा सकता है. जैसे ही दुश्मन के युद्धपोत या पनडुब्बी इनसे टकराएंगी, ये फट जाएंगे. आईएनएस करंज (INS Karanj) एक बार में 30 बारूदी सुरंगें लगा सकता है. (फोटोःगेटी)
INS Karanj (3rd Scorpene SSK) will be commisioned today, 10 March 2021, at Mumbai pic.twitter.com/o5pb2uowR6
— Vice Admiral Arun Kumar Singh (@subnut) March 10, 2021
आईएनएस करंज (INS Karanj) में SM.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइलें (Exocet Anti-Ship Missile) भी तैनात की जा सकती हैं. हालांकि, भारतीय नौसेना या किसी स्रोत से यह जानकारी नहीं मिली है कि इस पनडुब्बी में कितनी मिसाइलें तैनात हो सकती हैं. ये मिसाइल 1148 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दुश्मन के जहाज या पनडुब्बी पर हमला कर सकता है. (फोटोःगेटी)
आईएनएस करंज (INS Karanj) का ध्येय वाक्य है- नित्य, निर्घोष और निर्भीक. यानी हमेशा बिना डरे सटीकता के साथ घातक हमला करने वाला. करंज शब्द महाराष्ट्र में पाई जाने वाली स्थानी मछली के नाम पर लिया गया है. सबसे खास बात ये है कि आईएनएस करंज (INS Karanj) दुनिया की सबसे तेज पनडुब्बियों में से एक मानी जाती है. (फोटोःगेटी)
आईएनएस करंज (INS Karanj) के सेकेंड इन कमांड ऑफिसर अमित कुमार ने बताया कि पनडुब्बी ने समुद्र में 100 दिन पूरे कर लिए हैं. इसके अंदर काम करना. इसकी टेक्नोलॉजी, हथियार, इंटेलिजेंस की उपकरण सबकुछ बेहतरीन है. यह एक साइलेंट किलर (Silent Killer) है. ये कब दुश्मन के नजदीक पहुंच जाएगी, किसी को पता तक नहीं चलेगा. (फोटोःट्विटर)
#Navy #Submarine #History
— Commander Vikram W Karve (@w_karve) March 10, 2021
Congratulations to Indian Navy.
Two Boats (Submarines) called INS Karanj - then and now.
Wish Navy reverts to traditional white No. 8 uniform instead of these new "innovations". https://t.co/8m933FJbS3
आईएनएस करंज (INS Karanj) में C303/S एंटी-टॉरपीडो काउंटरमेजर सिस्टम लगाया गया है. यानी दुश्मन की तरफ से अगर कोई टॉरपीडो पनडुब्बी की तरफ आती है तो इसे तुरंत खबर लग जाएगी. उसके बाद यह उसे नष्ट करने की कवायद करेगी या फिर खुद अपना रास्ता बदल लेगी. (फोटोःगेटी)
आईएनएस करंज (INS Karanj) में तैनात एक अन्य कमांडर पीआर रामप्रकाश ने बताया कि हम इस पनडुब्बी में छह घंटे सोते हैं. हमें दिन और रात का पता नहीं चलता अगर समुद्र के अंदर हैं तो. हम देश की रक्षा के साथ-साथ मन लगाने के लिए पनडुब्बी के अंदर गाने गाते हैं. ड्रॉइंग कॉम्पीटिशन करते हैं. इसके अलावा कई अन्य गतिविधियों को भी अंजाम देते हैं जो खुद की देश की भलाई के लिए बेहतर हों. (फोटोःट्विटर/डिफेंस डिकोड)
पीआर रामप्रकाश कहते हैं कि आईएनएस करंज (INS Karanj) में दुनिया की बेहतरीन सोनार सिस्टम लगा हुआ है. इसमें एकदम आवाज नहीं है. इस वजह से इसे लोग साइलेंट किलर कहते हैं. क्योंकि ये दुश्मन को पता नहीं चलने देती कि ये उसके कितने नजदीक पहुंच चुकी है. इसे पूरी तरह से भारत में बनाया गया है. (फोटोः ट्विटर)
आईएनएस करंज (INS Karanj) में तैनात एक अन्य अधिकारी आकाश कुंचीकोर्वे ने कहा कि मैं अपने देश के लोगों से कहना चाहता हूं कि आप निश्चिंत रहिए. चैन से सोइए. चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. हम समंदर से किसी भी दुश्मन को आपकी तरफ आने नहीं देंगे. दुश्मन को साफ संदेश है कि अपनी गिरेबान में झांको. हमारी तरफ नजर उठाई तो दिक्कत में आ जाओगे. (फोटोःट्विटर)