भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (Indian Space Research Organization - ISRO) का गगनयान मिशन दिसंबर 2021 में लॉन्च किया जाएगा. इसरो प्रमुख डॉ. के. सिवन ने बताया कि इसके लिए एयरफोर्स के चार जवान चुन लिए गए हैं. ये अब ट्रेनिंग के लिए रूस जाएंगे. लेकिन सभी लोगों के मन सवाल है कि ये अंतरिक्षयात्री यानी एस्ट्रोनॉट्स या यूं कहें गगननॉट्स सात दिन अंतरिक्ष में रहेंगे तो खाएंगे क्या? पीएंगे क्या? आइए जानते हैं इसका जवाब. जानिए क्या है अंतरिक्षयात्रियों के खाने के मेन्यू में...
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गगनयान के यात्रियों के खाने का मेन्यू
ये अंतरिक्षयात्री पृथ्वी के ऊपर चक्कर लगाते हुए अंडा रोल, वेज रेल, मूंग दाल का हलवा और वेज पुलाव खाएंगे. इस खाने को मैसूर स्थित डिफेंस फूड रिसर्च लेबोरेटरी तैयार करेगी. इसके साथ ही खाने का हीटर भी दिया जाएगा जिसे DRDO बना चुका है.
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पीने के लिए विशेष पैकेट
गगननॉट्स के पानी और जूस के लिए विशेष प्रकार का पैकेट बनाया गया है. जो बिना गुरुत्वाकर्षण वाले माहौल में सही रहेगा. इसको इस तरह से बनाया गया है कि अंतरिक्ष में न ही फटेगा, न ही सड़ेगा.
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जानिए क्या है गगनयान मिशन?
गगनयान मिशन के तहत ISRO तीन अंतरिक्षयात्रियों को पृथ्वी से 400 किमी ऊपर अंतरिक्ष में सात दिन की यात्रा कराएगा. इन अतंरिक्षयात्रियों को सात दिन के लिए पृथ्वी की लो-ऑर्बिट में चक्कर लगाना होगा. इस मिशन के लिए ISRO ने भारतीय वायुसेना से अंतरिक्षयात्री चुनने के लिए कहा था.
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चार एस्ट्रोनॉट्स रूस जाएंगे ट्रेनिंग के लिए
वायुसेना ने शुरुआत में पहले 25 पायलटों का चयन किया था. अब इनमें से 12 चुने गए हैं. जो ट्रेनिंग के लिए रूस जाएंगे. इनमें से चार ही रूस में ट्रेनिंग करेंगे. इनका चयन रूस की ट्रेनिंग देने वाली एजेंसी करेगी.
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गगनयान से पहले होंगे दो अनमैन्ड मिशन
दिसंबर 2021 में इसरो तीन भारतीयों को अंतरिक्ष में भेजेगा. उससे पहले दो अनमैन्ड मिशन होंगे. ये दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में किए जाएंगे. इन दोनों मिशन में गगनयान को बिना किसी यात्री के अंतरिक्ष में भेजा जाएगा.
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दिसंबर 2021 में भेजा जाएगा गगनयान
इसके बाद दिसंबर 2021 में मानव मिशन भेजा जाएगा. इस पूरे मिशन की लागत 10 हजार करोड़ रुपए है. गौरतलब है कि देश के पहले अंतरिक्षयात्री राकेश शर्मा 2 अप्रैल 1984 में रूस के सोयूज टी-11 में बैठकर अंतरिक्ष यात्रा पर गए थे.
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गगनयान के बाद ही होगा स्पेस स्टेशन मिशन
इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने कहा था कि इस मिशन को करने का मतलब ये नहीं कि इसरो के स्पेस स्टेशन मिशन की शुरुआत हो चुकी है. क्योंकि यह एक प्रायोगिक मिशन है. स्पेस स्टेशन का मिशन दिसंबर 2021 के गगनयान अभियान के बाद ही शुरू होगा. क्योंकि अंतरिक्ष में इंसानों को भेजने और डॉकिंग में महारत हासिल करने के बाद ही स्पेस स्टेशन मिशन की शुरूआत की जा सकेगी.
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वह ट्वीट जिसमें खाने का मेन्यू बताया गया
समाचार एजेंसी ANI ने ट्वीट कर बताया है कि गगनयान के अंतरिक्षयात्री क्या खाएंगे और कैसे पीएंगे.
To help astronauts drink liquids including water and juices in Space where there is no gravity, special containers have also been developed for Mission Gaganyan. https://t.co/TWCaEMjYL7pic.twitter.com/Ar6C1vXwRA