यूरोप में सबसे पहले भीषण कोरोना संकट का सामना करने वाले देश इटली ने 'कोरोना फ्री' ट्रेन चलाने का फैसला किया है. सामान्य जगहों के अलावा टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए भी 'कोरोना फ्री' ट्रेनों की सुविधा मिलेगी. असल में 'कोरोना फ्री' ट्रेनें उन्हें कहा जा रहा है जिनमें सिर्फ कोरोना निगेटिव लोग ही सवार हों. (फाइल फोटो- AFP)
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, इटली में 'कोरोना फ्री' फ्लाइट्स पहले से चल रही हैं. इन फ्लाइट्स में सवार से होने से ठीक पहले और उतरने के ठीक बाद, यात्रियों की कोरोना जांच की जाती है. फिलहाल रोम से अटलांटा और न्यूयॉर्क जाने वाली फ्लाइट्स के लिए यह व्यवस्था की गई है. अब इसे ट्रेनों में भी लागू किया जा रहा है. (फाइल फोटो- AFP)
इससे पहले दुनिया के कई देशों ने यात्रा से 24 या 48 घंटे पहले कोरोना जांच कराने को लेकर गाइडलाइंस बनाई थीं. लेकिन 'कोरोना फ्री' ट्रेनें इससे अलग हैं, क्योंकि इसमें यात्रा से ठीक पहले यात्रियों और अन्य स्टाफ की जांच की जाती है. (फाइल फोटो- AFP)
इटली के प्रमुख ट्रेन ऑपरेटर ने जानकारी दी है कि 'कोरोना फ्री' ट्रेनों में सवार से होने से ठीक पहले सभी लोगों की जांच की जाएगी. यात्रियों को ट्रेन खुलने के समय से एक घंटे पहले स्टेशन आना होगा. अप्रैल में 'कोरोना फ्री' ट्रेनें लॉन्च कर दी जाएंगी. (फाइल फोटो- AFP)
शुरुआत में रोम से मिलान के लिए 'कोरोना फ्री' ट्रेनें चलाई जाएंगी. इसके बाद अन्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए भी 'कोरोना फ्री' ट्रेनें उपलब्ध होंगी. लोग इन ट्रेन से वेनिस और फ्लोरेंस जैसी मशहूर जगहों पर जा सकेंगे. ट्रेन ऑपरेटर कंपनी कोरोना जांच के लिए रेड क्रॉस और इटैलियन सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के साथ मिलकर काम कर रही है. (फाइल फोटो- AFP)