इस बार जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में हुई जबरदस्त और असामान्य बरसात से पर्यावरण क्षेत्र में कई अच्छे सुखद बदलाव देखने को मिल रहे हैं. इस बार कई वर्षों के बाद जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में भारी संख्या में तितलियों की जनसंख्या देखी जा रही है. इस बार कई पर्यावरण विषेषज्ञों ने संयुक्त प्रयासों से देश में मौजूद 1500 तितलियों की प्रजातियों में से इस बार जैसलमेर में अभी तक 41 प्रजातियों को रिकॉर्ड किया है. (इनपुट-विमल भाटिया)
इनमें ऐसी कई प्रजातियां हैं जो कई सालों के बाद यहां देखने को मिल रही हैं. इतनी बड़ी तादाद में तितलियां पहली बार जैसलमेर में देखीं गई हैं जो रेगिस्तानी इलाकों में छाई हुई हरियाली में विभिन्न पेड़-पौधों पर मंडराती हुई देखी जा रही हैं. इन दिनों चल रहे तितलियों के ब्रीडिंग सीजन में लाखों तितलियों का जैसलमेर आना यहां के पर्यावरण के क्षेत्र में शुभ संकेत की ओर इशारा कर रहे हैं.
वैसे सितंबर महीना पूरे देश में बटरफ्लाई महीने के रुप में जाना जाता है जिसमें पूरे देश में तितलियों के संबंध में कई प्रकार के कार्यक्रम, अवेयरनेस केंपनिंग आदि आयोजित होते हैं. जैसलमेर में भी इस बार बड़ी संख्या में तितलियां कई जंगलों, मैदानों और अन्य कई क्षेत्रों में देखी जा रही हैं. थार रेगिस्तान में जैविक विविधता का खजाना है. यहां पर रंग बिरंगी मंडराती हुई तितलियां काफी सुन्दर नजारा प्रस्तुत कर रही हैं.
सितंबर महीना इनका ब्रीडिंग सीजन होता है. ऐसे में कई फूलों पर तितलियों के अण्डे भी विषेषज्ञों ने देखे हैं. यह तितलियां इन फूलों पर बैठकर सुखद अनुमति देते हुए परागण कर रही हैं. विशेषज्ञों ने जैसलमेर जैसे रेगिस्तानी इलाकों में पहली बार 41 से ज्यादा अलग-अलग प्रजातियां देखी हैं. इसमें ऐसी भी कई प्रजातियां हैं जो माइग्रेंट हैं. कुछ दिन पहले जैसलमेर के डेजर्ट इलाके में 70 साल बाद लुप्तप्राय तितली की प्रजाति डेजर्ट ग्रीजल स्क्रीपर तितली देखी गई थी.
असिसटेंट प्रोफेसर श्याम सुंदर मीणा का कहना है कि थार रेगिस्तान सचमुच जैविक विविधता का खजाना है. बीते दिनों यहां पर हुई जबरदस्त मानसूनी बरसात के कारण बड़ी संख्या में तितलियां देखी गई हैं. मैंने और मेरे सहयोगियों ने मिलकर करीब 40-42 प्रजातियां को आईडेंटिफाई किया है. इन दिनों ये तितलियां अण्डे भी दे रही हैं. सितंबर महीने में इनका ब्रीडिंग सीजन चल रहा है.
उन्होंने आगे बताया कि जैसलमेर के रेगिस्तानी इलाकों में कई पेड़-पौधों पर डेजर्ट प्रजातियों की कुछ तितलियों को मंडराते हुए देखा गया है. लोगों में यह भ्रांतियां हैं कि यह फसलों को नुकसान पहुंचाती हैं, यह गलत है. तितलियां फसलों को फायदा ही पहुंचाती हैं. और इस बार रिकॉर्ड संख्या में तितलियां रेगिस्तानी इलाके में देखी जा रही हैं.
पर्यावरण विशेषज्ञ व सरकारी डॉक्टर पोकरण अस्पताल में तैनात डॉ दिविष सैनी बताते हैं कि इस बार थार रेगिस्तान में झमाझम बरसात से अलग-अलग प्रजातियों की भारी संख्या में तितलियों का जमावड़ा बना हुआ है. इन्हें रेगिस्तान में छाई हरियाली और पेड़ पौधों पर देखा जा रहा है. पिछले 2-3 महीने से हमारे सर्वे में 40 से ज्यादा कई सुंदर तितलियों की प्रजाति देखी गई हैं. सचमुच बेहतरीन नजारा है. पहली बार इतनी संख्या में तितलियां रेगिस्तान में देखी गई हैं.